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रिकॉर्ड रूम में तेतुलिया भूमि का दस्तावेज नहीं, फिर भी जबरन सत्यापित प्रति तैयार करने पर तीन को कारण बताओ नोटिस

बोकारो रिकॉर्ड रूम में तेतुलिया के विवादित जमीन का का कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है. इसके बावजूद बाहरी दस्तावेज को जबरन सत्यापित कराने के मामले में तीन लोगों को नोटिस जारी किया गया है.
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Ranchi/Bokaro :  बोकारो रिकॉर्ड रूम में तेतुलिया के विवादित जमीन का का कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है. इसके बावजूद बाहरी दस्तावेज को जबरन सत्यापित कराने के मामले में तीन लोगों को नोटिस जारी किया गया है.

 

जिन तीन लोगों को नोटिस जारी किया गया है, उसमें तत्कालीन एसडीओ ओम प्रकाश गुप्ता, वन सेवा के अधिकारी संदीप शिंदे और रिकॉर्ड रूम प्रभारी सत्यबाला सिन्हा का नाम शामिल है. ओम प्रकाश गुप्ता और शिंदे पर बाहर से कॉपी मंगाकर उसे जबरन सत्यापित कराने का आरोप है.

 

रिकॉर्ड रूम में खतियान उपलब्ध नहीं होने और जबरन खतियान की सही प्रति बनाने का मामला उजागर होने के बाद जिला प्रशासन की परेशानियां बढ़ गयी है. क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा दायर मामले की सुनवाई के दौरान बोकारो के उपायुक्त को खतियान की मूल कॉपी के साथ कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया है. 

 

हाईकोर्ट द्वारा वन सेवा के अधिकारियों को कंटेम्प्ट केस में दोषी करार दिये जाने के बाद राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में इसे चुनौती दी थी.

 

रिकॉर्ड प्रभारी ने दी थी जिला प्रशासन को जानकारी

 

बोकारो जिला प्रशासन के पास खतियान के उपलब्ध नहीं होने की जानकारी रिकॉर्ड प्रभारी की ओर से दी गयी सूचना के बाद मिली. रिकॉर्ड रूम की ओर से जिला प्रशासन को यह सूचना दी गयी है कि मौजा तेतुलिया, थाना नंबर 38 का खतियान जीर्ण शीर्ण अवस्था में है. खाता नंबर 59, प्लॉट नंबर 426 और 450 का खतियान उपलब्ध नहीं है.

 

रिकॉर्ड रूम में खतियान नहीं होने के बावजूद उसकी सही प्रति जारी करने के मुद्दे पर जिला प्रशासन को यह सूचना दी गयी है कि मार्च 2024 को तत्कालीन एसडीओ ओम प्रकाश गुप्ता रिकॉर्ड रूम आये थे. इसके बाद बड़ा बाबू के मोबाइल नंबर पर एक दस्तावेज मंगवाया और उसका प्रिंट निकालकर सच्ची (सही) प्रतिलिपि होने का मुहर लगाने का निर्देश दिया.

 

रिकॉर्ड रूम के कर्मचारियों को डांटा फटकारा. फिर बाहर से मंगाये गये उस दस्तावेज पर सच्ची प्रतिलिपी की मुहर लगवाकर ले गये. इसके बाद फरवरी 2025 में वन सेवा के अधिकारी संदीप शिंदे भी रिकॉर्ड रूम आये और उन्होंने भी बाहर से लायी गयी कॉपी पर जबरन मुहर लगवाया.

 

रिकॉर्ड रुम से इस बात की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन ने इस प्रकरण से संबंधित तीनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. उन्हें बाहरी दस्तावेज को खतियान के रूप में सत्यापित कराने के मामले में अपना जवाब देने का निर्देश दिया है.

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