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किसी के जीवन को उजाला करने से बड़ा धर्म और कुछ भी नहीं : डॉ. पी सिन्हा

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Ranchi : किसी के जीवन को उजाला करने से बड़ा धर्म और कुछ भी नहीं हो सकता है. उक्त बातें बिहार आई बैंक ट्रस्ट की सेक्रेटरी डॉ. पी सिन्हा ने झारखंड आई बैंक हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही. बता दें कि 25 अगस्त से 8 सितंबर तक देशभर में नेत्रदान पखवाड़ा मनाया जाता है. इसी कड़ी में ट्रस्ट के द्वारा लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरूक किया जा रहा है. झारखंड आई बैंक हॉस्पिटल में आंखों का इलाज किया जाता है. इनमें मोतियाबिंद, ग्लूकोमा और भेंगापन प्रमुख रूप से शामिल है.

शरीर पांच तत्व में हो जाएगा विलीन, मगर आंखें रहेगी जीवित

मोतियाबिंद से ग्रसित मरीजों को कृत्रिम लेंस लगाकर उनकी दृष्टि में सुधार किया जाता है. डॉ. पी सिन्हा ने कहा कि जिनकी कॉर्निया खराब हो जाती है, उनकी आंखों की रोशनी नेत्रदान से ही वापस लौट सकती है. अपनों को खोने के गम के बीच यदि मृतक के परिजन नेत्रदान करते हैं तो उनकी आंखें दुनिया देख सकेगी. शरीर भले ही पांच तत्व में विलीन हो जाएगा, मगर आंखें जीवित रहेगी. इसे भी पढ़ें : जमीन">https://lagatar.in/ed-raids-in-ranchi-dhanbad-dumka-deoghar-godda-in-land-and-liquor-scam/">जमीन

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