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आरएसएस-पीएम मोदी के बीच कोई खाई नहीं, औरंगजेब कब्र विवाद अनावश्यक : भैयाजी जोशी

 
Nagpur : पीएम मोदी कई महान कार्य कर रहे हैं. यह उनके स्वभाव में है और यह अच्छी बात है कि वे यहां आयो. उन्होंने माधव नेत्रालय की आधारशिला रखी. आरएसएस नेता सुरेश भैयाजी जोशी ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए यह सोमवार को यह बात कही.

  पीएम के आरएसएस हेडक्वार्टर आने से अच्छा लगा

उनसे यह पूछे जाने पर कि क्या आरएसएस और पीएम मोदी के बीच की खाई चौड़ी हो गयी है? तो उनका जवाब था. कोई खाई नहीं है. इस बात का ठीकरा मीडिया पर फोड़ते हुए कहा, यह सब मीडिया की देन है. भैयाजी जोशी ने पीएम मोदी के लंबे समय बाद आरएसएस हेडक्वार्टर आने पर कहा, यहां पीएम मोदी के आने से अच्छा लगा. वह पहले से कई श्रेष्ठ कार्यों को समर्थन करते आये हैं, पीएम मोदी द्वारा आरएसएस को वटवृक्ष करार देने पर भैयाजी जोशी ने कहा कि जिन लोगों ने भी आरएसएस की नींव रखी थी, तो बीज वटवृक्ष का डाला था. इसलिए इसका वटवृक्ष बनना तो तय था.

औरंगजेब की मृत्यु यहां हुई तो कब्र यहां बनी है

सुरेश भैयाजी जोशी ने मुगल शासक औरंगजेब की कब्र को हटाने की कुछ दक्षिणपंथी संगठनों की मांग पर भी अपने विचार रखे. कहा कि इस विषय को बेमतलब करार देते हुए कहा, इसे अनावश्यक रूप से उठाया जा रहा है. आरएसएस के नेता ने नागपुर में एक कार्यक्रम में मीडिया से बात करते हुए कहा,  औरंगजेब की मृत्यु यहां हुई तो उसकी कब्र यहां बनी हुई है. जिनकी श्रद्धा है वो जायेंगे.

अफजल खान को प्रतापगढ़ किले के पास दफनाया गया  

अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा, बीजापुर सल्तनत के सेनापति अफजल खान को प्रतापगढ़ किले के पास दफनाया गया था. कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की अनुमति के बिना ऐसा नहीं किया जा सकता था. हमारे पास पास छत्रपति शिवाजी महाराज का आदर्श (रोल मॉडल) है. उन्होंने अफजल खान की कब्र बनवाई थी. यह भारत की उदारता और समावेशिता का प्रतीक है. कब्र बनी रहेगी, जो भी जाना चाहेगा, वहां जायेगा.

औरंगजेब की कब्र  संरक्षित स्मारक है : देवेंद्र फडणवीस 

महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने  आज कहा कि चाहे लोग मुगल बादशाह औरंगजेब को पसंद करें या न करें, उसकी कब्र एक संरक्षित स्मारक है, लेकिन उसकी तारीफ करने की इजाजत किसी को नहीं दी जायेगी. नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए CM फडणवीस ने कहा कि जो ढांचे कानून के दायरे से बाहर हैं, उन्हें हटा देना चाहिए. हम औरंगजेब को पसंद करें या न करें, उसकी कब्र एक संरक्षित स्मारक है. हम किसी को भी उसकी तारीफ करने की इजाजत नहीं देंगे.

इतिहास को जाति और धर्म के चश्मे से न देखें 

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने रविवार को औरंगजेब की कब्र को लेकर सांप्रदायिक तनाव भड़काने के प्रयासों की निंदा की थी. कहा था कि इतिहास को जाति और धर्म के चश्मे से नहीं देखना चाहिए. हिंदू संगठनों द्वारा छत्रपति संभाजीनगर में स्थित औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग की गयी थी. इसके बाद तनाव भी हुआ था.  हिंदू संगठनों के विरोध प्रदर्शनों के बीच नागपुर में हिंसा सामने आयी थी. इस मुद्दे पर विधानसभा में भी राजनीतिक बयानबाजी की गयी थी इसे भी पढ़ें : वक्फ">https://lagatar.in/waqf-amendment-bill-amidst-opposition-from-opposition-parties-support-from-syed-nasruddin-chishti-of-ajmer-dargah/">वक्फ

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