- टेंपो चालकों से की जा रही अवैध वसूली
- एजेंटों करते हैं बदसलूकी
- टेंपो चालकों में आक्रोश
Ashish Tagore Latehar : कहने को लातेहार जिला मुख्यालय है, लेकिन यहां एक भी टेंपो स्टैंड नहीं है. ऐसे में टेंपो चालकों को सड़कों पर ही गाड़ी खड़ा करना पड़ता है. लेकिन दीगर बात तो यह है कि बिना किसी टेंपो स्टैंड या कोई सुविधा लिए ही टेंपो चालकों को राजस्व देना पड़ रहा है. वह राजस्व सरकार के खजाने तक पहुंच रहा है या फिर संवेदक के पॉकेट में यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा. लेकिन इस वसूली से स्थानीय टेंपो चालकों में आक्रोश अवश्य है.
जानें क्या है मामला

https://lagatar.in/wp-content/uploads/2024/11/Untitled-6-2.jpg"
alt="" width="600" height="400" /> दरअसल लातेहार नगर पंचायत द्वारा बस स्टैंड सैरात की नीलामी की जाती है. इस वर्ष अप्रैल माह में तकरीबन 17 लाख रूपये में नीलामी हुई है. बस स्टैंड एक स्थानीय स्वयंसेवी संस्था को आवंटित किया गया है. सैरात की नीलामी बसों से राजस्व वसूलने के लिए की गयी है. लेकिन संवेदक शहर के विभिन्न अस्थायी टेंपो स्टैंडों में लगने वाले वाहनों से भी राजस्व वसूलते हैं. शहर के बाइपास चौक में भी संवेदक द्वारा एक एजेंट रखकर वसूली कराया जा रहा है. यह एजेंट रेलवे स्टेशन की ओर से आने और जाने वाले सभी टेपों से 15 रूपये वसूलता है. इसके लिए बाकायदा एक रसीद छपवायी गयी है. कई टेंपो चालकों ने बताया कि शुल्क नहीं देने पर उस एजेंट द्वारा गाली गलौज व अभद्र व्यवहार किया जाता है. ऐसे में टेंपो चालकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है.
क्या कहते हैं टेंपो चालक
शहर के टेंपो चालक कहते हैं कि शहर में एक भी टेंपो स्टैंड नहीं है. उन्हें अपनी टेंपो सड़कों पर लगाकर यात्रियों को उतारना और चढ़ाना पड़ता है. यात्रियों को कहीं बैठने तक की जगह नहीं है. ऐसे में किस सुविधा के लिए नगर पंचायत द्वारा यह शुल्क वसूला जा रहा है.
क्या कहते हैं अधिकारी
इस संबंध में पूछे जाने पर नगर प्रशासक राजीव रंजन ने बताया कि संवेदक को सिर्फ बस स्टैंड से राजस्व वसूलना है. कहा कि एग्रीमेंट के अनुसार बस स्टैंड से ही खुलने वाली वाहनों से राजस्व वसूली की जा सकती है.
Leave a Comment