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मुख्तार अंसारी मौत मामले की होगी न्यायिक जांच, गरिमा सिंह जांच अधिकारी नियुक्त

  • मुख्तार अंसारी के शव का पोस्टमार्टम पूरा
  • मुख्तार अंसारी के बेटे ने पिता के शव का पोस्टमार्टम दिल्ली एम्स में कराने की मांग की
  • चिकित्सकों का पैनल करेगा माफिया डॉन का पोस्टमार्टम
  • पोस्टमार्टम के बाद परिजन गाजीपुर ले जायेंगे शव 
Lucknow :  माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के शव का पोस्टमार्टम बांदा मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों के एक पैनल ने किया. पोस्टमॉर्टम के दौरान वीडियोग्राफी भी की गयी. डॉक्यूमेंटेशन का काम हो रहा है. इसके बाद मुख्तार के शव को परिजनों को सौंप दिया जायेगा. परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव को गाजीपुर ले जायेंगे. काली बाग कब्रिस्तान में मुख्तार अंसारी को सुपुर्द-ए-खाक किया जायेगा. इधर मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी ने बांदा के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर पिता का पोस्टमॉर्टम दिल्ली एम्स के डॉक्टरों से कराने की मांग की है. उमर अंसारी ने अपने पत्र लिखा है कि उनके परिवार को बांदा की चिकित्सा व्यवस्था पर भरोसा नहीं है.

मुख्तार अंसारी की मौत की होगी न्यायिक जांच

मुख्तार के बेटे उमर अंसारी की अपील पर बांदा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भगवान दास गुप्ता ने मुख्तार अंसारी के मौत मामले की न्यायिक जांच करने का आदेश दिया है. सीजेएम एपमी एमएलए कोर्ट की गरिमा सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है. गरिमा सिंह को एक माह के अंदर जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है. बताते चलें कि  न्यायिक हिरासत में हुई मौतों के विवादित मामलों में न्यायिक जांच कराना नियम है.

अखिलेश यादव ने मुख्तार की मौत पर उठाये सवाल

समाजवादी पार्टी (सपा) ने मुख्तार अंसारी के निधन को दुख जताया है. बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी अंसारी के निधन पर शोक प्रकट किया है. इधर समाजवादी पार्टी के प्रमुख और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुख्तार अंसारी की मौत पर सवाल उठाये हैं. अखिलेश ने एक्स पर लिखा कि हर हाल में और हर स्थान पर किसी के जीवन की रक्षा करना सरकार का सबसे पहला दायित्व और कर्तव्य होता है.  अखिलेश ने लिखा कि सरकारों पर निम्नलिखित हालातों में से किसी भी हालात में, किसी बंधक या कैदी की मृत्यु होना, न्यायिक प्रक्रिया से लोगों का विश्वास उठा देगा :
  • - थाने में बंद रहने के दौरान
  • - जेल के अंदर आपसी झगड़े में
  • - ⁠जेल के अंदर बीमार होने पर
  • - न्यायालय ले जाते समय
  • - ⁠अस्पताल ले जाते समय
  • - ⁠अस्पताल में इलाज के दौरान
  • - ⁠झूठी मुठभेड़ दिखाकर
  • - ⁠झूठी आत्महत्या दिखाकर
  • - ⁠किसी दुर्घटना में हताहत दिखाकर
ऐसे सभी संदिग्ध मामलों में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में जांच होनी चाहिए. सरकार न्यायिक प्रक्रिया को दरकिनार कर जिस तरह दूसरे रास्ते अपनाती है वो पूरी तरह गैर कानूनी हैं. जो हुकूमत जिंदगी की हिफ़ाज़त न कर पाये उसे सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं. उप्र ‘सरकारी अराजकता’ के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है. ये यूपी में ‘कानून-व्यवस्था का शून्यकाल है.

मायावती ने मुख्तार अंसारी मौत मामले की उच्‍च स्‍तरीय जांच की मांग की 

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष और यूपी की पूर्व सीएम मायावती ने मुख्तार अंसारी मौत मामले की उच्‍च स्‍तरीय जांच की मांग की है.  मायावती ने सोशल मीडिया साइट ‘एक्‍स’ पर लिखा कि मुख्तार अंसारी की जेल में हुई मौत को लेकर उनके परिवार द्वारा जो लगातार आशंकाएं और गंभीर आरोप लगाये गये हैं, उनकी उच्च-स्तरीय जांच जरूरी है,  ताकि उनकी मौत के सही तथ्य सामने आ सकें. बसपा प्रमुख ने आगे लिखा कि ऐसे में उनके परिवार का दुखी होना स्वाभाविक है. कुदरत उन्हें इस दुख को सहन करने की शक्ति दे.

हार्ट अटैक आने से मुख्तार अंसारी की हुई मौत

जानकारी के अनुसार, मुख्तार अंसारी की तबीयत गुरुवार देर रात अचानक बिगड़ गयी थी. वो बैरेक में बेहोश होकर गिर गये थे. जिसके बाद उन्हें दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी. सूत्रों की मानें तो मुख्तार अंसारी  को हार्ट अटैक आया था. इससे पहले मंगलवार को भी उन्हें रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था. 14 घंटे आईसीयू में रखा गया था. गुरुवार को हालत बिगड़ने पर फिर से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बताया जाता है कि मुख्तार अंसारी को स्टूल सिस्टम की समस्या थी. माफिया डॉन की मौत के बाद यूपी और बांदा जेल की सुरक्षा बढ़ा दी गयी है. इधर मुख्तार की मौत के बाद उत्तर प्रदेश में धारा 144 लागू कर दी गयी है. बांदा, मऊ, गाजीपुर और वाराणसी में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किये गये हैं. [wpse_comments_template]

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