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राजभवन, सरकार और वीसी से होगी आर-पार की लड़ाई : डॉ केके गुप्ता

ग्रीष्मावकाश में कटौती पर उबला पीजी स्नातकोत्तर शिक्षक संघ   विभावि के शिक्षक 22 मई से काला बिल्ला लगाकर करेंगे हठात नीति का विरोध Hazaribagh : ग्रीष्मावकाश में अचानक कटौती करने पर विनोबाभावे विश्वविद्यालय स्नातकोत्तर शिक्षक संघ हजारीबाग उबल उठा है. दरअसल पहले शिक्षकों का ग्रीष्मावकाश 21 मई से था, उसे बढ़ाकर एक जून कर दिया गया और इधर 11 दिन की छुट्टी में कटौती भी कर दी गई. ऐसे में आर्यभट्ट सभागार में शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर संघ के अध्यक्ष केके गुप्ता ने कहा कि पानी सिर से ऊपर चला गया है. अब राजभवन, सरकार और वीसी से आर-पार की लड़ाई होगी. चार माह पहले अपने ही घोषित अवकाश तालिका का राजभवन, सरकार और वीसी स्तर से हनन किया जा रहा है. छुट्टी की यह कटौती न सिर्फ शिक्षकों के आत्मसम्मान पर प्रहार है, बल्कि उनकी मान-मर्यादा से भी खिलवाड़ है. जिन शिक्षकों की छुट्टी में कटौती की गई है, उनसे पूछना तक उचित नहीं समझा गया और जबरन आदेश लाद दिया गया. इसे भी पढ़ें :अडानी-हिंडनबर्ग">https://lagatar.in/adani-hindenburg-case-supreme-court-committee-gives-clean-chit-shares-of-adani-group-companies-rocket/">अडानी-हिंडनबर्ग

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“दबाव बनाकर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार संभव नहीं”

इस मामले में वीसी ने भी शिक्षकों से मशविरा करना उचित नहीं समझा और राजभवन का आदेश पत्र को अंगीकार कर लिया. किसी ने शिक्षकों की परेशानी को समझने का प्रयास नहीं किया. यह शिक्षकों के संवैधानिक अधिकारों का हनन है. संघ के सचिव डॉ विनोद रंजन ने कहा कि 22 मई से शिक्षक काला बिल्ला लगाकर इस हठात नीति का विरोध करेंगे. राज्यस्तरीय संघ के अनुसार निर्णय होने पर राजभवन के समक्ष आंदोलन करने से भी बाज नहीं आएंगे. जरूरत पड़ी तो कोर्ट की शरण भी लेंगे. संघ के उपाध्यक्ष डॉ सुकल्याण मोइत्रा ने कहा कि ऐसा कर विभावि की स्वायतत्ता को गिरवी रख दिया गया है. एकरूपता लानी है, तो हर चीज में समान संहिता लागू हो. हर विवि का अपना पाठ्यक्रम और अपना कार्यक्रम निर्धारित है. अचानक निर्णय लेकर थोप देना, यह सिर्फ शिक्षकों पर दबाव बनाने की कोशिश है. डॉ विकास कुमार ने कहा कि शिक्षक अपने कर्तव्यों का भलीभांति निर्वहन करते हैं. दबाव बनाकर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार संभव नहीं है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ सरिता सिंह, डॉ नवीन चंद्रा समेत कई शिक्षक मौजूद थे. इसे भी पढ़ें :धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-bjp-establishes-purity-at-every-level-in-politics-pn-singh/">धनबाद

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प्रेसवार्ता में उभरा शिक्षकों का दर्द, विभावि प्रशासन के खिलाफ फूट पड़े आक्रोश

प्रेसवार्ता में शिक्षकों का दर्द उभर पड़ा. पीड़ा बयां करते हुए विनोबाभावे विश्वविद्यालय स्नातकोत्तर शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ केके गुप्ता ने कहा कि विभावि में पेजयल का घोर अभाव है. पीने के पानी के बिना छात्राएं बेहोश हो रही हैं. उन्होंने कहा कि यहां किसी विभाग में पेयजल की व्यवस्था नहीं है. आरओ सिर्फ दिखावे के लिए लगे हैं. डॉ विकास कुमार ने कहा कि प्रोन्नति के मामले में भी विभावि उदासीन है. शिक्षकों की पीड़ा नहीं समझनेवाला वही पदाधिकारी हो सकता है, जिसे शिक्षक-विद्यार्थियों के दु:ख-दर्द से कोई लेना-देना नहीं रहा हो. प्रो. सुकल्याण मोइत्रा ने कहा कि विश्वविद्यालय में कई साधन-सुविधाओं की कमी है. लेकिन वह इसलिए कुछ कहना नहीं चाहते कि विभावि की बदनामी नहीं हो. एक कुलपति थे डॉ बहुरा एक्का, जो शिक्षकों और विद्यार्थियों से संवाद करते थे. उनकी समस्याओं के निदान के प्रति सजग रहते थे. लेकिन अब तो सिर्फ फरमान जारी कर दिया जाता है, शिक्षकों का पक्ष सुननेवाला कोई नहीं. [wpse_comments_template]

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