Ranchi: सेंट्रल गुड्स एंड सर्विस टैक्स (सीजीएसटी), रांची की इंवेस्टिगेशन विंग ने करीब 300 करोड़ रुपये के जीएसटी फर्जीवाड़े का खुलासा किया है. जांच के दौरान पता चला है कि एक ही ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर से जीएसटी का रजिस्ट्रेशन कराकर फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया है. सीजीएसटी ने जांच में पाया है कि कुल 19 कंपनियों इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ लिया है. ज्यादातर कंपनियां दूसरे राज्य की हैं. जानकारी के मुताबिक सीजीएसटी, रांची ने डाटा एनालिसिस के दौरान पाया था कि 17 फर्म ने फर्जी बिल व इनवॉयस (invoice) के आधार पर आईटीसी लिया है. जांच में यह पता चला कि इनमें से सात कंपनियां एक ही पते पर रजिस्टर्ड हैं. दूसरे पते पर पांच फर्म रजिस्टर्ड हैं. इस तरह 12 फर्म का पता दो ही था. जांच के दौरान पते पर फर्म का कोई अस्तित्व नहीं मिला. शेष पांच फर्म का भी पता फर्जी ही पाया गया. जांच के दौरान यह पता चला है कि 19 फर्मों द्वारा 294 करोड़ का फर्जी जीएसटी बिल और इनवॉयस जारी किया गया. इसमें से 26.51 करोड़ रुपये की चोरी की गयी. इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने वाली अधिकतर कंपनियां अन्य राज्यों के हैं. इसलिये विभाग ने संबंधित राज्य की जीएसटी विभाग को सूचना दे दी है. इसे भी पढ़ें- 12">https://lagatar.in/jpsc-7th-and-10th-civil-services-exam-may-be-held-on-12th-september/124014/">12
एक ही ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर से फर्म खोलकर इन 19 कंपनियों ने किया 300 करोड़ का फर्जीवाड़ा
Last Updated: Aug 04, 2021 12:00 AM (IST)