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संगठित अपराध की चपेट में झारखंड के ये आठ जिले

 
Saurav Singh Ranchi :  झारखंड के आठ जिले संगठित अपराध की चपेट में हैं. इनमें रांची, धनबाद, जमशेदपुर, बोकारो, लातेहार, चतरा, रामगढ़ और हजारीबाग जिला शामिल है. इन आठों जिले में अलग-अलग अपराधिक गिरोह सक्रिय है. जो रंगदारी वसूलने के लिए आये दिन कारोबारियों को धमकी देने का काम कर रहे हैं. रंगदारी नहीं मिलने हत्या और गोलीबारी जैसी घटनाओं को अंजाम दिला रहे हैं. वर्तमान समय की बात करें तो झारखंड में पांच प्रमुख आपराधिक गिरोह पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं. ये आपराधिक गिरोह माओवादी और उग्रवादी संगठन की तरह घटना को अंजाम देने के बाद जिम्मेवारी भी ले रहे हैं.

जानें किस जिले में कौन अपराधिक गिरोह सक्रिय :

– अमन साहू गिरोह : रांची, लातेहार, रामगढ़, चतरा और हजारीबाग. – प्रिंस खान गिरोह : धनबाद, बोकारो. – विकास तिवारी गिरोह : हजारीबाग रामगढ़. – अमन श्रीवास्तव गिरोह : रामगढ़, हजारीबाग. – अखिलेश सिंह गिरोह : जमशेदपुर.

दूसरे राज्य के अपराधी भी निभा रहे अहम भूमिका

झारखंड में सक्रिय संगठित आपराधिक गिरोह में बिहार, छत्तीसगढ़ और बंगाल के 28 से अधिक अपराधी भी अहम भूमिका निभा रहे हैं. ये सभी अपराधी अखिलेश सिंह, अमन साहू, प्रिंस खान, अमन श्रीवास्तव और विकास तिवारी गिरोह से जुड़े हैं. अमन साहू और अखिलेश सिंह गिरोह में सबसे अधिक दूसरे राज्य के अपराधी जुड़े हैं.

अंतरराज्यीय के इतने अपराधी हैं वांछित (वांटेड) :

  • बिहार के 153 अपराधी वांछित हैं.
  • पश्चिम बंगाल के 74 अपराधी वांछित हैं.
  • ओडिशा के 10 अपराधी वांछित हैं.
  • छत्तीसगढ़ के 10 अपराधी वांछित हैं.

मोबाइल के इस्तेमाल पर रोक लगने से जेल में रुकेगा अपराध

झारखंड के जेल में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक के बाद ही संगठित अपराध पर लगाम लग पायेगी. पूरे झारखंड में 31 जेल हैं. जिनमें सात सेंट्रल, 17 जिला और छह अनुमंडल कारा है. एक ओपेन जेल हजारीबाग में है. इन जेल में कई छोटे बड़े अपराधी बंद है. जो जेल में रहकर कारोबारियों से रंगदारी मांगने का काम कर रहे हैं. जेल में बंद अपराधी रंगादारी नहीं देने पर हत्या जैसे घटनाओं को अंजाम भी दिला रहे हैं.
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