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वसूली करने नहीं दे रहे, कहां से देंगे एचईसी को पैसा

 
एचईसी में महसूल वसूलने वाली कंपनी के मालिक ने बताई पीड़ा Ranchi :  एचईसी के साप्ताहिक शालीमार व सेक्टर 2 बाजार से महसूल वसूलने का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. शुक्रवार को महसूल वसूलने वाली कंपनी मेसर्स राज फन एन आर्ट के मालिक राघवेंद्र कुमार सिंह ने प्रेस बयान जारी कर अपनी पीड़ा जाहिर की. उन्होंने लिखा है कि एनईसी द्वारा आवंटित निविदा में मेरी कंपनी के नाम से धुर्वा बस स्टैंड डेली मार्केट, सेक्टर-3 शालीमार बाजार और  सेक्टर-2 स्थित साप्ताहिक बाजार में महसूल वसूलने का कार्यादेश मिला है. जब से मुझे महसूल वसूलने का कार्यादेश मिला है, तब से वहां के स्थानीय अपराधी किस्म के लोग मुझे महसूल वसूली करने से वंचित कर रहे हैं.

एचईसी फुटपाथ विक्रेता संघ के नाम से की जा रही वसूली

राघवेंद्र कुमार सिंह ने लिखा कि एचईसी फुटपाथ विक्रेता संघ के नाम से वसूली की जा रही है. स्थानीय प्रशासन भी उनलोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है, जिससे एचईसी द्वारा निर्धारित राशि को जमा करने में परेशानी हो रही है. साथ ही मेरे ऊपर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है. लिखा कि इसकी शिकायत मैंने 20 फरवरी को स्थानीय थाना में की है. इस केस में नामजद आरोपी वेद प्रकाश सिंह (फुटपाथ दुकानदार संघ के अध्यक्ष), आनंद मूर्ति, धीरज सिंह और उमेश यादव पर दर्ज मामले पर भी स्थानीय थाना ने कोई कार्रवाई नहीं की है. लिखा कि मैं और मेरा दहशत में है. वहीं दूसरी ओर उनलोगों का मनोबल बढ़ रहा है,  जो बाजार के लोगों को महसूल नहीं देने के लिए बहका रहे हैं.

सुरक्षा के दृष्टिकोण से बना एचईसी फुटपाथ विक्रेता संघ

इस मामले पर जब वेद प्रकाश सिंह से बात की गयी तो उन्होंने कहा कि एचईसी फुटपाथ विक्रेता संघ एचईसी श्रमिक संघ द्वारा संचालित है. इस संघ को एचईसी फुटपाथ दुकानदारों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से बनाया गया है. इसमें सभी दुकानदार अपनी मर्जी से जुड़ रहे हैं. वर्तमान में 500 दुकानदार इसमें मेंबर हैं और सदस्यता शुल्क के रूप में 150 रुपये प्रतिमाह लिये जा रहे हैं, जो राशि उनके वेलफेयर के रूप में काम करेगी. वहीं महसूल वसूलने में बाधा उत्पन्न करने की बात पर उन्होंने कहा कि तय शुल्क से दस गुना वसूली के विरोध में दुकानदार ही महसूल नहीं दे रहे हैं.

एचईसी ने जारी किया है शॉकाज

महसूल वसूलने वाली कंपनी पर एचईसी ने शॉकाज जारी कर दिया है. टेंडर के अनुसार, पैसा जमा नहीं होने के कारण कंपनी को शॉकाज किया गया है. वहीं इस मामले पर कंपनी के मालिक ने कहा कि जब महसूल वसूली ही नहीं हो रही है तो वो पैसा कैसे जमा करें. उनपर तो दोनों तरफ से कर्ज का बोझ बढ़ रहा है. इस मामले को लेकर उन्होंने पुलिस और जिला प्रशासन को अवगत कराया है. [wpse_comments_template]
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