क्या कहते हैं ग्रामीण
ग्रामीण फागु हांसदा ने बताया कि उन्हें व उनके परिवार को अहले सुबह से ही पेयजल के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ती है. कुंए का पानी खत्म हो जाने पर पानी के लिए उन्हें दूसरे गांव जाना पड़ता है. ग्रामीण राहुल टुडू ने बताया कि वे मजदूरी का कार्य करके अपनी आजीविका चलाते हैं. लेकिन इस समय उन्हें रोजी-रोटी की नहीं बल्कि पानी की चिंता हो रही है. [caption id="attachment_641410" align="alignnone" width="300"]alt="" width="300" height="169" /> सूख चुका गांव का इकलौता कुआं[/caption]
क्या कहते हैं बीडीओ
बीडीओ संतोष प्रजापति ने कहा कि ग्रामीणों की शिकायत पर उन्होंने छतरमार गांव का दौरा किया. गांव में पेयजल विकट स्थिति है. लोग जर्जर कुंए पर आश्रित हैं लेकिन वह कुआं भी सूख चूका है. फिलहाल पीएचईडी के जेई को खराब पड़े चापानलों को जल्द से जल्द मरम्मत करवाने का निर्देश दिया गया है. यह">https://lagatar.in/giridih-cpiml-started-ccl-pani-do-campaign/">यहभी पढ़ें : गिरिडीह : भाकपा माले ने शुरू किया `सीसीएल पानी दो` मुहिम [wpse_comments_template]

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