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बीरेंद्र राम ऐसे बना धनकुबेर, रिम्स में हड़ताल पर हाइकोर्ट गंभीर, हेमंत-रघुवर आमने-सामने, आरोग्यम का नया कारनामा आया सामने समेत कई अहम खबरें पढ़ें अपने प्रिय अखबार शुभम संदेश में

 
Ranchi : ग्रामीण विकास विभाग के चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम को हर सौदे पर 0.3 फीसदी कमीशन मिलता था. उनके अन्य साथी कौन-कौन थे और किसे कितना कमीशन दिया जाता था, अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस बात का पता लगाएगा. इसके लिए ईडी ने गुरुवार को वीरेंद्र राम को कोर्ट के समक्ष पेश करते हुए दस दिनों की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने उन्हें पांच दिन की ही रिमांड दी है. रिम्स जैसे अस्पताल में मरीजों का उपचार अनिवार्य सेवा के दायरे में आता है. ऐसे में चिकित्सकों एवं नर्सों की स्ट्राइक नहीं होनी चाहिए थी. चिकित्सा सेवा से जुड़े कर्मियों की हड़ताल एक गंभीर मामला है. उक्त टिप्पणी झारखंड हाइकोर्ट ने गुरुवार को मौखिक रूप से की. हेमंत सोरेन सरकार द्वारा बनाई गई स्थानीय नीति को पिछले दिनों हाइकोर्ट ने रिजेक्ट कर दिया था. अब यह प्रदेश का सबसे बड़ा सियासी मुद्दा बन चुका है. इसे लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास आमने-सामने आ गए. ट्विटर पर दोनों ने एक दूसरे पर खूब सियासी तीर चलाये. हेमंत सोरेन जहां 1932 खतियान आधारित नीति की वकालत करते नजर आए, वहीं रघुवर दास 1985 आधारित स्थानीय नीति को लेकर अपनी सरकार का बचाव करते रहे. हजारीबाग के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल एचबीजेड आरोग्यम का एक और कारनामा सामने आया है. इस बार मामला इलाज में लापरवाही का है. यह लापरवाही किडनी के ऑपरेशन के दौरान की गई. डॉक्टर ने ऑपरेशन तो कर दिया, मगर मरीज के पेट में स्टंट छोड़ दिया. मरीज की जान पर बन आई थी. इसके अलावा कई अहम खबरें पढ़ें अपने प्रिय अखबार शुभम संदेश में. [wpse_comments_template]
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