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ये रिम्स हैः करोड़ों का सालाना बजट, मरीजों के लिए सिरिंज तक उपलब्ध नहीं

Saurabh Shukla Ranchi: एक ऐसा अस्पताल जिस पर राज्य के लोगों के साथ पड़ोसी राज्य के लोगों की भी इलाज की जिम्मेदारी है. तभी तो राज्य सरकार इस अस्पताल पर सालाना 450 करोड़ रुपये खर्च करती है. यह अस्पताल है रिम्स, जिसे राज्य के सबसे बड़े अस्पताल का दर्जा प्राप्त है. लेकिन विंडबना ऐसी कि यहां के न्यूरोसर्जरी विभाग में भर्ती मरीजों को सिरिंज तक मयस्सर नहीं हो पा रहा है. न्यूरोसर्जरी विभाग की पड़ताल करने पर यह सामने आया कि 10 एमएल और 05 एमएल की सिरिंज मरीजों को नहीं मिल पा रहा है. इसे भी पढ़ें-रांची">https://lagatar.in/ranchi-256-students-of-brothers-academy-outperformed-in-iit-jee-main/">रांची

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केस स्टडी में खुलासा

- रिम्स के न्यूरोसर्जरी विभाग में भर्ती गिरिडीह जिले के सरिया प्रखंड की दिनेश्वरी देवी को बिजली का झटका (करंट) लगने के बाद यहां भर्ती किया गया था. उनके पुत्र संतोष मंडल ने कहा कि शुक्रवार को अपनी मां को लेकर यहां आया हूं. ड्यूटी पर तैनात नर्स सभी को सिरिंज बाहर से खरीद कर लाने के लिए कहती है. पूछने पर कहा जाता है कि अस्पताल में सिरिंज नहीं है. इलाज कराना जरूरी है. ऐसे में बाहर के दुकान से मरीज के परिजन सिरिंज खरीदने को मजबूर हैं. - धनबाद जिले के कुमारधुबी से अपने बच्चे नबिश राय को रिम्स लेकर आए पिता बीरबल राय ने कहा कि 2 अगस्त से यहां भर्ती है. इतने बड़े अस्पताल में सिरिंज तक नहीं मिल रहा है. इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां की व्यवस्था कैसी होगी? https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/08/RRR-3.jpg"

alt="" width="600" height="350" /> - कुछ ऐसी ही परेशानियों से साहेबगंज जिले के सद्दाम भी गुजर रहे हैं. सिर में चोट लगने के बाद उन्हें रिम्स के न्यूरो सर्जरी विभाग में भर्ती किया गया है. अस्पताल में सिरिंज नहीं मिलने के कारण उन्हें भी बाहर से खरीद कर लाना पड़ रहा है. - 60 वर्षीय कुंजल राम राजमिस्त्री का काम करते हैं. काम के दौरान ही वो गिर पड़े. कमर में चोट लगी है. परिजन बेहतर इलाज के लिए रिम्स लेकर आए हैं, लेकिन इन्हें भी बाहर से सिरिंज खरीद कर लाना पड़ रहा है. इसे भी पढ़ें-संसद">https://lagatar.in/parliament-proceedings-adjourned-indefinitely-four-days-ago/">संसद

की कार्यवाही चार दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
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क्या कहते हैं रिम्स के पदाधिकारी

वहीं अस्पताल में सिरिंज की कमी के बाबत जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. राजीव कुमार ने सफाई देते हुए कहा कि चिकित्सा पदाधिकारी(भंडार) के अनुसार रिम्स के स्टॉक में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. मांग के अनुसार विभागों को सिरिंज दी जाती है, लेकिन सवाल यह है कि आखिर रिम्स के न्यूरो विभाग में सिरिंज क्यों नहीं पहुंच पा रहा है. [wpse_comments_template]

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