- केंद्र में भाजपा की सरकार है और राज्य में झामुमो-कांग्रेस की.
Ranchi: चालू वित्तीय वर्ष (2026-27) के प्रथम तिमाही तक राज्य सरकार को केंद्रीय अनुदान व सहायता मद में फूटी कौड़ी नहीं मिली है. राज्य के गठन के बाद पहली तिमाही तक राज्य के केंद्रीय अनुदान मद में पैसा नहीं मिलने का यह पहला मौका है. अनुदान के मद में केंद्र से अब तक पैसा नहीं मिलने की वजह से राज्य सरकार की आर्थिक परेशानियां बढ़ गयी हैं. राज्य के वित्त मंत्री पहले ही राजस्व की कमी पर चिंता जता चुके हैं.
यहां उल्लेखनीय है कि केंद्र में भाजपा की सरकार है, जबकि झारखंड में झामुमो-कांग्रेस की. ऐसे में राज्य को केंद्रीय अनुदान का नहीं मिलने को कुछ लोग राजनीतिक चश्मे से भी देख रहे हैं. समय-समय तक राज्य सरकार के मंत्री इस बारे में बोलते रहे हैं, जबकि केंद्र की तरफ से नियमों का हवाला दिया जाता रहा है.
सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए 1.57 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था. इसके मुकाबले प्रथम तिमाही (अप्रैल-जून) तक सरकार को अपने सभी स्रोतों से सिर्फ 19,692.23 करोड़ रुपये ही मिला है. यह राज्य के वार्षिक राजस्व लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 12.48% है. पिछले वित्तीय वर्ष (2025-26) के प्रथम तिमाही तक सरकार को वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले 14.56% राजस्व मिला था. यानी इस साल राजस्व वसूली 2.08 प्रतिशत प्वाइंट कम है.
सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के खर्च को पूरा करने के लिए केंद्रीय अनुदान मद में 18,214.38 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान किया था.
लेकिन प्रथम तिमाही तक केंद्र ने इस मद में एक भी पैसा नहीं दिया है. राज्य गठन के बाद प्रथम तिमाही तक केंद्रीय अनुदान मद में कुछ भी नहीं मिलने का यह पहला मौका है. पिछले वित्तीय वर्ष (2025-26) के प्रथम तिमाही तक राज्य को वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले केंद्रीय अनुदान मद में 5.56 प्रतिशत राशि मिली थी.
राज्य के चालू वित्तीय वर्ष के प्रथम तिमाही तक मिले 19,692.23 करोड़ रुपये में से वेतन और पेंशन पर 34.46% खर्च हो चुका है. वित्त विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जून तक सरकार ने अपने कर्मचारियों के वेतन पर 4052.76 करोड़ रुपये खर्च किया है. इसी अवधि में पेंशन मद में 2,733.58 करोड़ रुपये खर्च हुआ है. प्रथम तिमाही तक सरकार का राजस्व खर्च, इस अवधि में मिले राजस्व का 75.99% है. यानी सरकार ने कर्मचारियों के वेतन, पेंशन, सूद व कर्ज चुकाने के अलावा कल्याणकारी योजनाओं पर 14,965.59 करोड़ रुपये खर्च किये हैं.
वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले प्रथम तिमाही तक मिले राजस्व (करोड़ में)
| राजस्व मद | लक्ष्य | मिला | उपलब्धि |
| जीएसटी | 20,937.27 | 2,836.10 | 13.55% |
| स्टांप व निबंधन | 18,00.00 | 393.73 | 21.87% |
| भू-राजस्व | 19,99.03 | 1,14.24 | 5.71% |
| वैट | 78,99.73 | 15,53.02 | 19.66% |
| उत्पाद | 44,99.73 | 9,63.39 | 21.41% |
| केंद्रीय करों में हिस्सा | 51,236.96 | 8,840.19 | 17.2524.51% |
| अन्य कर व शुल्क | 15,235.96 | 3,734.38 | 24.51% |
| केंद्रीय अनुदान | 18,214.38 | 00.00 | 00% |
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