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रामलीला, लोग और मूंगफली
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alt="jbbjh" width="600" height="400" /> रामायण धारावाहिक देखने के लिए आसपास के लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा होते हैं. शाम 6:30 से रात 10 बजे तक रामायण का प्रसारण होता है. इस दौरान लोग मूंगफली (चिनिया बदाम) का आनंद लेते हैं. जब रामलीला का मंचन होता था, तब मैदान में लोगों की भीड़ देखने लायक होती थी.
सिर्फ एचईसी में होती थी रामलीला
रांची में केवल एचईसी में ही दशहरा के समय रामलीला का आयोजन होता था. विजय दशमी समारोह समिति वर्ष 1967 से इसका आयोजन करती थी. वर्ष 2010 से आर्थिक कारणों से रामलीला का मंचन रुक गया और तब से नियमित रूप से नहीं हो पाया है. इसके बाद से बड़े पर्दे पर रामायण धारावाहिक दिखाया जाता रहा है.अगले साल मंचन की उम्मीद
रामलीला मैदान संस्कृति समिति के सदस्यों का कहना है कि अगले साल रामलीला के मंचन की तैयारी की जा रही है. पहले रामलीला मंडली को ठहराने में मुश्किल होती थी, लेकिन समिति ने समाजसेवियों की मदद से एक सामुदायिक भवन का निर्माण करवा लिया है. साथ ही मंच को भी बड़ा किया जा रहा है. अगले साल बनारस की रामलीला मंडली से रामलीला का मंचन करवाने की योजना है. मुख्य बातें समिति अगले साल बनारस की रामलीला मंडली से रामलीला का मंचन करवाने की योजना बना रही है. समिति ने समाजसेवियों की मदद से रामलीला मंडली को ठहराने के लिए एक सामुदायिक भवन बनाया है. रामलीला के मंच को भी बड़ा किया जा रहा है. एचईसी में पहले रामलीला का मंचन 1967 से हो रहा था. 2010 के बाद से रामलीला नियमित रूप से नहीं हो पाई है. इसे भी पढ़ें -झारखंड">https://lagatar.in/jharkhand-dgp-anurag-gupta-offered-prayers-at-basukinath-temple/">झारखंडDGP अनुराग गुप्ता ने बासुकीनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना [wpse_comments_template]
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