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जमशेदपुर में राष्ट्रीय सम्मलेन का आयोजन, फोरेंसिक मेडिसिन-साइंसेज, पुलिस अधिकारी सहित 200 डेलीगेट्स हुए शामिल

Ranchi :  जमशेदपुर के मनिपाल-टाटा मेडिकल कॉलेज में तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मलेन का आयोजन किया गया. फोरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभाग, रिम्स रांची और फोरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभाग जमशेदपुर द्वारा आयोजित सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. इस राष्ट्रीय सम्मेलन में फोरेंसिक मेडिसिन, फोरेंसिक साइंसेज, पुलिस अधिकारी सहित 200 डेलीगेट्स शामिल हुए. इस सम्मलेन का सफल आयोजन प्रोफेसर डॉ भूपेंद्र सिंह, प्राध्यापक, फोरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभाग, रिम्स, रांची के नेतृत्व और अध्यक्षता में संपन्न हुई.

राष्ट्रीय सम्मलेन में इस विषय पर की गयी चर्चा

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हमारे देश की पुलिस, न्यायिक वैज्ञानिक और न्यायालय लगातार कठिन परिश्रम करते हैं, फिर भी अपराधी को सजा दिलाने में जो सफलता हासिल करना चाहिए, वह नहीं कर पा रहे हैं. अगर देश की कानून और व्यवस्था की स्थिति में सुधार करना है तो देश की न्यायिक प्रक्रिया में सम्मिलित सभी संस्थाओं को एक साथ आगे मिलकर मंथन करना होगा. ऐसे कौन से कारक है, जो सजा के दर को बढ़ाने में बाधक है. इस पर राष्ट्रीय सम्मेलन में चर्चा की गयी.

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य विचारों का आदान-प्रदान करना

सम्मेलन का उद्देश्य फोरेंसिक मेडिसिन और संबद्ध विज्ञान के पेशेवरों और शिक्षाविदों के प्रतिनिधियों और पुलिस के विचारों का आदान-प्रदान करना था. साथ ही अपने शोध कार्यों को प्रस्तुत करने के लिए एक मंच प्रदान करना था. इस सम्मलेन के मुख्य बिंदुओं में अकादमिक चर्चाओं के अलावा, व्यावहारिक प्रदर्शन और भिन्न- भिन्न प्रकार की कार्यशाला भी शामिल थीं. जहां छात्रों को फोरेंसिक सेवाओं के विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिला. प्रतिभागियों ने फोरेंसिक सेवाओं क्षेत्र के वरिष्ठ विशेषज्ञों के साथ बातचीत की. साथ ही फोरेंसिक जांच में उपयोग की जाने वाली नवीनतम तकनीकों और उपकरणों के बारे में जानकारी प्राप्त की.

विभिन्न राज्यों के कई प्रतिनिधियों ने लिया भाग

इस सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से कई प्रतिनिधियों ने भाग लिया. इसमें प्रो. डॉ आदर्श कुमार (एम्स नई दिल्ली), प्रो डॉ कृष्णदत्त चावली (एम्स रायपुर), प्रो डॉ मनोज कुमार मोहंती (एम्स भुवनेश्वर), प्रो डॉ निशांत अहमद (एम्स देवघर), प्रो डॉ प्रतीक रस्तोगी (मंगलोर कर्नाटक), प्रो डॉ आभास सिंह (उत्तर प्रदेश), एम्स रायबरेली, एम्स पटना, जीआईपीएमइआर पुड्डीचेरी, वेस्ट बंगाल, ओड़िसा, उत्तर पूर्वी राज्य सिक्किम, मेघालय, आसाम आदि जगहों के प्रतिनिधि शामिल हुए.

पुलिस कर्मियों के लिए व्यावहारिक कार्यशाला का आयोजन

सम्मेलन में पूर्वी सिंहभूमि के 25 पुलिस कर्मियों के लिए "क्राइम सीन इन्वेस्टीगेशन एवं मैनेजमेंट” पर एक व्यावहारिक कार्यशाला का भी आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केशव कुमार के अलावा पूर्व डीजीपी, गुजरात, विशिष्ठ अतिथि प्रभात कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूमि और सम्मानित विशेष अतिथि विजय शंकर, एसपी जमशेदपुर शामिल हुए. इस हैंड्स-ऑन कार्यशाला का सफल आयोजन अलग-अलग राज्यों से आये फोरेंसिक मेडिसिन के सात प्रतिष्ठित विशेषज्ञों द्वारा किया गया. पुलिस कर्मियों के प्रशिक्षण के लिए तीन सिम्युलेटेड क्राइम सीन भी निर्मित किये गये थे. कार्यशाला में झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय के लगभग 50 छात्रों के साथ अन्य प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया. अंडरग्रेजुएट मेडिकल छात्रों के लिए मॉडल मेकिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें 40 टीमों ने भाग लिया.

समारोह में ये लोग रहे मौजूद

इस समारोह में मुख्य अतिथि केशव कुमार, पूर्व डीजीपी, गुजरात, सम्मानित विशेष अतिथि प्रोफेसर आर के सिंह, कुलपति, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पटना, लेफ्टिनेंट जनरल प्रोफ डॉ वेंकटेश एम.डी, कुलपति, माही, मनिपाल, संरक्षक पद्मश्री प्रोफेसर डॉ कामेश्वर प्रसाद, निदेशक, रिम्स, रांची, प्रोफेसर डॉ जी. प्रदीप कुमार, संकायाध्यक्ष तथा प्रोफ डॉ सुनीता त्रिपाठी, सह-संकायाध्यक्ष, एमटीएमसी, जमशेदपुर, आयोजन उपाध्यक्ष डॉ. विजय कौटिल्य, आयोजन सचिव प्रो डॉ अशीम मिश्रा, संयुक्त आयोजन सचिव डॉ ज्योतिष गुरिया, कोषाध्यक्ष डॉ पूवारागवन वी आदि मौजूद रहे.
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