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सुरक्षित प्रसव के लिए रिम्स में तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शुरू

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के मातृत्व स्वास्थ्य कोषांग की ओर से रिम्स के गायनी सभागार में सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तीन दिवसीय विशेष दक्षता प्रशिक्षण का दूसरा बैच गुरुवार से शुरू हुआ. इस प्रशिक्षण में विभिन्न जिलों के लेबर रूम के चिकित्सक और स्टाफ नर्स भाग ले रहे हैं.
 

Ranchi : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के मातृत्व स्वास्थ्य कोषांग की ओर से रिम्स के गायनी सभागार में सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तीन दिवसीय विशेष दक्षता प्रशिक्षण का दूसरा बैच गुरुवार से शुरू हुआ. इस प्रशिक्षण में विभिन्न जिलों के लेबर रूम के चिकित्सक और स्टाफ नर्स भाग ले रहे हैं.

 

रिम्स गायनी विभाग की एचओडी प्रो डॉ अमिता भारती ने बताया कि प्रशिक्षणार्थियों को रिम्स के लेबर रूम में हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी जा रही है. उन्होंने कहा कि मातृत्व मृत्यु राष्ट्रीय औसत 97 है, जबकि झारखंड का मातृत्व मृत्यु दर 54 है. इसी तरह शिशु मृत्यु राष्ट्रीय औसत 28 है और झारखंड में 25 है. लक्ष्य है कि इसे सिंगल डिजिट में लाया जाए.

 

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ लाल माझी ने कहा कि प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी ही मां और बच्चे के लिए सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण से नवजात शिशु की देखभाल, प्रसव के बाद की जटिलताओं का प्रबंधन और आपातकालीन स्थितियों से निपटने में स्वास्थ्य कर्मियों को दक्ष बनाया जाएगा.

 

मातृत्व कोषांग के परामर्शी नलिन कुमार ने कहा कि प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागी अपने जिलों में लेबर रूम के स्टाफ को प्रशिक्षित करेंगे, जिससे सुरक्षित प्रसव का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में यूनिसेफ तकनीकी सहयोग प्रदान कर रहा है.

 

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