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झारखंड में तीन हार्डकोर माओवादी बने चुनौती, पुलिस की पकड़ से हैं दूर

 
Ranchi : हाल के वर्षों में तीन हार्डकोर माओवादियों की झारखंड में सक्रियता काफी बढ़ गयी है. तीनों हार्डकोर माओवादी झारखंड पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं. जिनमें महाराजा प्रमाणिक, अमित मुंडा और रवींद्र गंझु शामिल हैं. ये तीनों हार्डकोर माओवादी समय-समय पर नक्सली घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस को चुनौती देने का काम कर रहे है. झारखंड पुलिस ने इन माओवादियों के खिलाफ योजनाबद्ध तरीके से अभियान चलाया था लेकिन इसके बावजूद भी तीनों माओवादी पुलिस की पकड़ से काफी दूर हैं.

मुठभेड़ में भागने का महारथी है महाराजा प्रमाणिक

कोल्हान क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सरायकेला खरसावां, घाटशिला और चाईबासा के क्षेत्रों में 10 लाख का इनामी नक्सली महाराजा प्रमाणिक पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है. महाराजा प्रमाणिक मूल रूप से सरायकेला जिला के ईचागढ़ थाना क्षेत्र के दारूदा गांव का रहने वाला है. जहां महाराजा प्रमाणिक पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है, वह एक के बाद एक घटना को अंजाम देने में लगा हुआ है. हाल के महीने में कोल्हान क्षेत्र की सभी नक्सली घटनाएओं में उसका ही हाथ होने की बात सामने आयी थी. पुलिस महाराजा प्रमाणिक और उसके दस्ते को मार गिराने के लिए जंगलों में लगातार अभियान चला रही है. लेकिन हर बार हुए मुठभेड़ में महाराजा प्रमाणिक बचकर निकलने में सफल हो जाता है.

सरायकेला और रांची में सक्रिय है अमित मुंडा दस्ता

रीजनल कमेटी के सदस्य और 15 लाख के इनामी नक्सली अमित मुंडा पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है. भाकपा माओवादियों के सदस्य अमित मुंडा उर्फ सुखलाल मुंडा उर्फ चुक्का मुंडा अब रिजनल कमेटी सदस्य बन गया है. उसपर सरकार ने 15 लाख रुपये का इनाम रखा है. अमित मुंडा रांची के तमाड़ थाना क्षेत्र के तमराना का रहने वाला है. अमित मुंडा सराय किला में 5 पुलिसकर्मियों की हत्या करने सहित कई बड़ी घटनाओं को अंजाम देने में शामिल रहा है. अमित मुंडा का दस्ता सरायकेला और रांची क्षेत्र में सक्रिय है और समय-समय पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है.

लोहरदगा, गुमला और लातेहार पुलिस के लिए चुनौती बना रवींद्र गंझू

भाकपा माओवादी संगठन का जोनल कमांडर और 10 लाख का इनामी कुख्यात नक्सली रविन्द्र गंझू लोहरदगा,  गुमला और लातेहार जिले में पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है. पुलिस रविंद्र गंझू के खिलाफ लगातार अभियान भी चलाती है, इसके बावजूद भी पुलिस के हाथ से रविन्द्र गंझू बार-बार बचकर निकल जाता. इन तीनों जिलों में नक्सली गंझू का डर ऐसा है कि विकास कार्य में लगी कंपनियों, कारोबारियों से वो लेवी वसूलने का काम करता है और लेवी नहीं देने पर हत्या और आगजनी जैसी घटना का अंजाम देता है. लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र के हेसला बांझीटोला का रहने वाला भाकपा माओवादी संगठन का जोनल कमांडर और 10 लाख का इनामी कुख्यात नक्सली रविन्द्र गंझू .
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