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चौपारण : महिला समेत PLFI के तीन सदस्य गिरफ्तार, उगले कई राज

कारोबारियों को धमकाने और गोलीकांड में शामिल अब तक छह आरोपी भेजे गए जेल Chouparan : चौपारण में व्यवसायियों को धमकी भरा पोस्टर भेजने और गोलीकांड के मामले में महिला समेत पीएलएफआई के तीन सदस्यों को पुल‍िस ने गिरफ्तार किया है. इनमें खूंटी स्थित कर्रा के बीजू मुंडा (29 वर्ष), उसकी पत्नी छोटी टोपनो (24 वर्ष) और प्रभुदान कंडुलना (35) शामिल है. उनके पास से इंटेल कंपनी का कीपैड, मोबाइल एवं सिम लगा हुआ इनफिनिक्स कंपनी का स्क्रीन टच मोबाइल बरामद हुआ है. इसे भी पढ़ें : कटिहार">https://lagatar.in/katihar-stones-pelted-on-vande-bharat-train-window-glass-broken/">कटिहार

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बरही एसडीपीओ नाजिर अख्तर ने शनिवार को चौपारण थाना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि 16 जनवरी संध्या करीब पांच-छह बजे के बीच चौपारण थाना क्षेत्र के पांच व्यवसायियों को मोबाइल : 8210070761 से पीएलएफआई का धमकी भरा पोस्टर और कुछ देर बाद दो व्यवसायियों को धमकी भरा ऑडियो क्लिप वाट्सएप के माध्यम से भेजा गया. इस संबंध में प्राप्त आवेदन पर चौपारण थाना कांड सं- 20/23 दिनांक 17/01/23 धारा- 185/187 भादवि एवं 17 सीएलए एक्ट दर्ज कर जांच शुरू की गई. वहीं 29 दिसंबर 2022 को भी चौपारण बाजार स्थित पत्रकार शशिशेखर के मोबाइल दुकान पर अज्ञात अपराधियों ने फायरिंग की थी. साथ ही पीएलएफआई के नाम का पोस्टर भी चिपकाया था. इसमें संलिप्त तीन अपराधियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. इस घटना के बाद एसपी ने बरही एसडीपीओ के नेतृत्व में एसआइटी का गठन किया था, जो हरेक बिंंदू पर जांच और छापामारी कर रही थी. इसी क्रम में कारोबारियों को धमकाने के मामले में पीएलएफआई के तीन सक्रिय सदस्यों को खूंटी से गिरफ्तार किया गया. इन सभी से पूछताछ के क्रम में काफी अहम जानकारी मि‍ली है. म‍िले इनपुट के आधार पर पुल‍िस आगे की कार्रवाई में जुटी है. दोनों घटनाओं में अब तक छह अपराधियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. शेष अपराधियों की तलाश जारी है. गिरफ्तार किए गए इन पीएलएफआई के सदस्यों के विरुद्ध रांची एवं खूंटी जिले के विभिन्न थानों में दर्जनों कांड दर्ज हैं.

सुप्रीमो द‍िनेश गोप के निर्देश पर काम करते थे तीनों 

पीएलएफआई सुप्रीमो द‍िनेश गोप के निर्देश पर तीनों सदस्य काम करते थे. जिसमें बीजू मुंडा पूर्व में नक्सली कांड में जेल गया था. करीब पांच वर्ष जेल में रहने के बाद एक माह पूर्व जमानत पर रिहा हुआ है.प्रभुदानकंडुलना लेवी वसूलने का काम और संगठन तक हथियार पहुंचाता था. वहीं पुलिस की गतिविधियों पर पैनी नजर रखता था. महिला छोटी टोपनो अपने नाम से सिम लेकर अपने पति बीजू मुंडा के माध्यम से द‍िनेश गोप तक भेजती थी. तीनों पीएलएफआई के सदस्य हैं. उन्होंने इस कांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. इसे भी पढ़ें : माइक्रोसॉफ्ट">https://lagatar.in/after-microsoft-now-google-lays-off-12000-employees-sundar-pichai-sent-mail/">माइक्रोसॉफ्ट

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