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विस्थापित रैयत समिति की बैठक समेत लातेहार की तीन खबरें

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Balumath (Latehar): सीसीएल के द्वारा संचालित राजहरा एरिया के तेतरियाखाड़ ओपन कोल प्रोजेक्ट के कांटा नंबर दो के समीप विस्थापित रैयत समिति की एक बैठक अध्यक्ष गिरधारी यादव की अध्यक्षता में आयोजित की गयी. बैठक में बीते दिनों कोलियरी में अवैध वसूली की शिकायत की समीक्षा की गई. गिरधारी यादव व तेतरियाखाड़ ट्रक ऑनर एसोसिएशन के अध्यक्ष कृष्णा साहू एवं डीओ होल्डर के अध्यक्ष समेंत ट्रक मालिकों ने ट्रकों के परिचालन के लिए अवैध रूप से पैसे का लेन-देन की बात पूछी. इस पर ट्रक मालिक, डीओ होल्डर्स व लोडर मालिक ने अवैध वसूली से इनकार किया. गिरधारी यादव ने कहा कि अगर अवैध वसूली करने का किन्ही के पास साक्ष्य हो और वह प्रमाणित करता हो तो लेने वाले व्यक्ति पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. हालांकि उन्होने कहा कि कुछ ऐसे स्थानीय लोग ट्रक व्यवसाय से जुड़े हैं, जो विस्थापित ट्रक सूची में शामिल करने के लिए बराबर दबाव डालते हैं. इसे विस्थापित समिति ने एक सिरे से नकार दिया है. इस कारण ऐसे लोग अपनी बौखलाहट में तेतरियाखाड़ कोलियरी में अवैध वसूली की अफवाह फैला कर तेतरियाखाड़ को बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं. तेतरियाखाड़ कोई लूट का अड्डा नहीं है. बैठक में राजू पासवान, मनोज यादव, प्रदीप यादव, प्रभु साव ,मो मुस्तफा, टेकलाल तुरी,सतेंद्र यादव, सुधन तुरी, गोपाल यादव, भगवती यादव, लक्ष्मण यादव, अख्तर अंसारी व नौशाद सहित कई ट्रक मालिक, डीओ होल्डर व लिफ्टर बैठक में उपस्थित थे. --------------

लातेहारः टीसीबी में गिर कर मर रहे हैं मवेशी

महुआडांड़ (लातेहार) : प्रखंड के दुरूप पंचायत में मनरेगा के तहत बने टीसीबी में गिरने से अब तक तीन मवेशियों ( दो भैसें व एक बैल ) की मौत हो चुकी है. हालांकि ग्रामीण इलाकों में मजदूरों को रोजगार सृजन हेतु टीसीबी का निर्माण कराया जाता है. लेकिन लाभुकों का कहना है कि इससे उन्हें किसी प्रकार का काई लाभ नहीं है. यह एक प्रकार से खेतों की बरबादी है. ग्रामीणों का आरोप है कि बिचौलियों के द्वारा फर्जी तरीके से ग्राम सभा कर लाभुकों के बिना किसी जानकारी के प्रखंड ऑपरेटर के द्वारा योजना की एंट्री कराकर काम कराया जाता है

क्या कहते हैं लाभुक

टीसीबी को लेकर लाभुक व ग्रामीणों को कहना कि बिचौलिये द्वारा उन्हें किसी प्रकार की जानकारी दिये बिना ही योजना चढ़ा कर उनकी खेतों में गढा खुदवाया जाता है. जिससे खेत तो बर्बाद होती ही है. आये दिन पशुओं की मौत भी इस गढे में गिरने से हो रही है. सरकार की यह योजना सिर्फ बिचौलियों की कमाई का जरिया है. ग्रामीणों की मांग है कि सरकार इस योजना को न देकर भूमि समतालीकरण, बांध निर्माण, डोभा व तालाब जैसी योजना लाये. इससे ग्रामीणों को लाभ मिल सकेगा. --------------

चंदवाः गांव से शहर तक के सफर में विनीत ने लिखी सात पुस्तकें

Chandwa: चंदवा प्रखंड के सुदूर क्षेत्र के पंचायत चेटर के रहने वाले विनीत कुमार पिता जन्मजय साव आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. इनका जन्म 2 जुलाई 1982 को चेटर गांंव हुआ. इनकी पढ़ाई-लिखाई स्नातकोत्तर तक हुई. प्राथमिक शिक्षा गांव के ही सरकारी विद्यालय में हुई. इसके बाद माध्यमिक शिक्षा ख्रीस्त राजा मध्य विद्यालय चंदवा और स्नातकोत्तर (हिंदी) रांची विश्वविद्यालय रांची से हुई. वर्तमान में शिक्षक के रूप में अपना योगदान उच्च विद्यालय में दे रहे हैं. ये अपने द्वारा लिखे गए सात पुस्तकों `एक नक्सली का मौन प्रेम,माटी, एक आतंकवादी की प्रेम कथा,और पुष्पि उपन्यास कुसुम,सरई फूल लिख चुके हैं. वनस्थली कहानी संग्रह में नव प्रकाशित कहानी संग्रह वन स्थली का विमोचन कार्यक्रम होटल मातृछया चंदवा में करते उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा लिखे गए उपन्यास पुष्पि पर बेव सीरीज बननी है. जिसके लिए मुंबई की कंपनी "ब्लैक स्क्रीन"के साथ एकरारनामा हुआ है. उपन्यास पुष्पि में चार लंगोटिया दोस्तों की पढ़ाई लिखाई प्रेम और गांव की लड़की "पुष्पि" को लेकर विच्छेद तक की बहुत ही मार्मिक कहानी है. विनीत एक उभरते हुए युवा लेखक हैं. इन्हें लेखनी में सरकार की ओर से सहयोग मिले तो शायद बहुत ही ऊंचे पायदान पर पहुंचकर चंदवा के साथ लातेहार जिले का नाम विश्व में रौशन करेंगे. [wpse_comments_template]

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