Tisri (Giridih) : तिसरी थाना क्षेत्र के जगरनाथा गांव के लेडवा टोला की रहने वाली एक आदिवासी किशोरी का शव बिहार के झाझा रेलवे स्टेशन के निकट रेलवे पटरी से संदेहास्पद स्थिति में 14 मार्च को बरामद किया गया था. मृतका का नाम सुशील सोरेन की पुत्री मैरी सोरेन (16) है. वह कुछ दिन पूर्व काम की तलाश में बिहार की राजधानी पटना गई थी. काम नहीं मिलने पर वह ट्रेन से वापस अपने गांव लौट रही थी. रेलवे ट्रेक से उसका शव बरामद किया गया. उसकी मौत कैसे हुई यह संदेहास्पद है? वह ट्रेन से गिरी या किसी ट्रेन की चपेट में आकर कटने से उसकी मौत हुई इसका खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है. जांच के बाद ही इस रहस्य पर से पर्दा उठेगा. रेलवे ट्रेक पर गर्दन और धड़ अलग था. हालांकि झाझा रेलवे पुलिस ने ट्रेन से गिरकर मौत की पुष्टि की है. शव की तलाशी लेने पर आधार कार्ड बरामद हुआ. पुलिस ने आधार कार्ड में अंकित नाम और पता के आधार पर तिसरी थाना पुलिस से संपर्क कर मामले की जानकारी दी. तिसरी पुलिस ने तत्काल परिजनों को सूचित किया. परिजन झाझा जाकर मैरी सोरेन के रूप में शव की पहचान की. पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया. परिजन शव लेकर गांव पहुंचे. मैरी सोरेन की मौत से गांव में मातम पसरा है. परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=581120&action=edit">यह
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तिसरी : संदेहास्पद स्थिति में आदिवासी किशोरी का शव रेलवे पटरी से बरामद

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