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EC कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे टीएमसी नेता हिरासत में, पार्टी का आरोप, दिल्ली पुलिस ने महिला सांसदों के साथ धक्का-मुक्की की

Delhi : दिल्ली पुलिस द्वारा कल सोमवार को टीएमसी के 10 नेताओं को हिरासत में ले लिये जाने की खबर है. वे दिल्ली में निर्वाचन सदन स्थित चुनाव आयोग के मुख्यालय के बाहर धरना दे रहे थे. पार्टी ने यह जानकारी दी. ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">

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प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग को एक ज्ञापन सौंपा था

इससे पहले  टीएमसी के प्रतिनिधिमंडल ने दिन में चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ से मुलाकात की थी. प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग को एक ज्ञापन सौंपा था. जानकारी के अनुसार ज्ञापन में केंद्रीय एजेंसियों राष्ट्रीय जांच एजेंसी(एनआईए) प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग और सीबीआई का दुरुपयोग किये जाने की बात कही गयी थी. इसमें आरोप लगाया गया था कि लोकसभा चुनाव से पहले विपक्ष के सदस्यों को निशाना बनाया जा रहा है. इसमें एक आरोप यह भी था कि प बंगाल के भाजपा नेता जीतेंद्र तिवारी 26 मार्च को एनआईए के पुलिस अधीक्षक धन राम सिंह से मिले थे. टीएमसी ने आरोप लगाया कि तिवारी को धन राम सिंह के आवास पर एक पैकेट ले जाते देखा गया था.

टीएमसी ने अंदेशा जताया कि पैकेट में टीएमसी नेताओं के नामों की एक सूची थी

टीएमसी ने अंदेशा जताया कि पैकेट में टीएमसी नेताओं के नामों की एक सूची थी. इसके तहत बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं को भाजपा के निर्देशों के अनुसार एनआईए द्वारा निशाना बनाया जाना था. यहां तक कि गिरफ्तार भी किया जाना था. टीएमसी का आरोप है कि पैकेट में एनआईए अधीक्षक धन राम सिंह के लिए भाजपा की ओर से राशि (रिश्वत)भी दी गयी होगी.

टीएमसी नेताओं ने चुनाव आयोग कार्यालय बाहर 24 घंटे धरना देने का निर्णय लिया

इसके लावा ज्ञापन में जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिलों में खराब मौसम से प्रभावित लोगों के लिए आवश्यक धन जारी करने की अनुमति भी चुनाव आयोग से मांगी गयी. बाद में टीएमसी के नेताओं ने चुनाव आयोग कार्यालय बाहर 24 घंटे धरना देने का निर्णय लिया. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार टीएमसी केंद्रीय जांच ब्यूरो, राष्ट्रीय जांच एजेंसी, प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग के प्रमुखों के तबादले की मांग कर रही थी. लेकिन धरने पर बैठने वाले टीएमसी के सांसदों को हिरासत में ले लिया गया. इससे पहले पुलिस ने टीएमसी नेताओं को वहां से हट जाने का अनुरोध किया था. जब पार्टी सांसद नहीं माने तो उन्हें हिरासत में ले लिया गया.

टीएमसी का आरोप, महिला सांसदों को जमीन पर घसीटा गया

हिरासत में लिये गये लोगों में राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन, मोहम्मद नदीमुल हक, डोला सेन, साकेत गोखले,सागरिका घोष, विधायक विवेक गुप्ता और पूर्व सांसद अर्पिता घोष, शांतनु सेन और अबीर रंजन विश्वास शामिल हैं. टीएमसी ने आरोप लगाया है कि उसकी महिला सांसदों के साथ धक्का-मुक्की की गयी. जमीन पर घसीटा गया. कहा कि डोला सेन के साथ मारपीट की गयी.

हमारे प्रतिनिधियों के साथ इसी तरह का व्यवहार किया जाता है

तृणमूल कांग्रेस ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि जब भी हम अपने अधिकारों की मांग करने राजधानी जाते हैं, तो हमारे प्रतिनिधियों के साथ इसी तरह का व्यवहार किया जाता है. कहा कि हम इस कठोर व्यवहार की कड़ी निंदा करते हैं. विश्वास दिलाते हैं, जितना आप हमें दबाने की कोशिश करेंगे, विरोध की आवाज उतनी ही तेज होगी.

 भीड़ ने जांच एजेंसी की टीम पर हमला करने की कोशिश की  

जान लें कि जांच एजेंसी ने भूपतिनगर विस्फोट की जांच के सिलसिले में तृणमूल कांग्रेस के नेता सुबीर मैती, मनब कुमार परुआ और नबा कुमार पांडा को तलब किया गया. लेकिन तीनों नेताओं ने पिछले सप्ताह एजेंसी के समन को नजरअंदाज करते हुए कार्यालय में हाजिरी नहीं दी.  शनिवार को जांच एजेंसी ने बताया कि बलाई चरण मैती और मनोब्रत जाना नाम के दो लोगों को विस्फोट में उनकी कथित भूमिका के लिए गिरफ्तार किया गया है. दोनों तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं. आतंकवाद विरोधी कानून प्रवर्तन(एनआईए) एजेंसी ने कहा कि मनोब्रत जाना के आवास सहित पांच स्थानों पर तलाशी के बाद गिरफ्तारियां की गयी, जहां एक भीड़ ने उसकी टीम पर हमला करने की कोशिश की थी. [wpse_comments_template]

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