Kolkata : ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी दो फाड़ हो गयी है. इसका सबूत भी सामने आ गया है. खबर है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा के स्पीकर रथींद्र नाथ बोस ने ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष की मान्यता दे दी है.
Expelled TMC leader Ritabrata Banerjee says West Bengal Assembly speaker has accepted rebel group's claim for legislature party status pic.twitter.com/Rcyabrp5XH
— Press Trust of India (@PTI_News) June 3, 2026
इससे पूर्व ममता बनर्जी ने शोभनदेब चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष घोषित करने की मांग की थी. लेकिन 80 में से 60 विधायकों ने शोभनदेब चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष मानने से मना कर दिया था.
#WATCH | Kolkata, West Bengal | Expelled TMC MLA Ritabrata Banerjee says, "This two-thirds strong legislative team of the Trinamool Congress inside the 18th West Bengal Legislative Assembly does not believe in 'I', it believes in 'we'. Whatever norms are framed out, we have… pic.twitter.com/ouLMt1nMHi
— ANI (@ANI) June 3, 2026
बदलते घटनाक्रम के बीच ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में 60 विधायकों ने कल अलग से बैठक की थी. इसके बाद आज बुधवार को ऋतब्रत बनर्जी ने स्पीकर रथींद्र नाथ बोस से मुलाकात कर कहा कि उनका गुट ही असली टीएमसी हैं.
ऋतब्रत बनर्जी ने 60 विधायकों के हस्ताक्षर वाला पत्र स्पीकर सौंपा और नेता प्रतिपक्ष की मान्यता देने की मांग की. इसके बाद स्पीकर ने ऋतब्रत बनर्जी की बात से आश्वस्त होकर उन्हें नेता प्रतिपक्ष की मान्यता दे दी.
खबर है कि स्पीकर रथींद्र नाथ बोस ने ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष के कमरे की चाबी भी सौंप दी है. ऋतब्रत बनर्जी ने अपने गुट से चार उप नेता प्रतिपक्ष घोषित किये हैं. इनमें जावेद अहमद खान, शबीना यास्मीन, शीलू साह,और संदीपन साह शामिल हैं अखरूजमा सदन में टीएमसी के चीफ व्हिप बनाये गये हैं.
हालांकि नेता प्रतिपक्ष चुने जाने के बाद ऋतब्रत बनर्जी न कहा कि हमारी नेता ममता बनर्जी ही हैं और हम अपील करते हैं कि वे हमारा मार्गदर्शन करती रहे. कहा कि हमारा यह कदम व्यक्तिवाद के खिलाफ सामूहिक संघर्ष है.
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