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बीएलओ ड्यूटी से छुटकारा के लिए ईआरओ का चक्कर काट रहे शिक्षक, निर्वाचन शाखा का हवाला देकर किया जा रहा इन्कार

 
Jamshedpur (Anand Mishra) : वर्तमान में जिले के 350 शिक्षक बीएलओ कार्य में लगाये गये हैं. ये मतदाता पुनरीक्षण व मतदाता सूची को आधार लिंक कराने का कार्य कर रहे थे. कार्य पूरा होने के बाद भी शिक्षकों को इस कार्य से मुक्त नहीं किया गया है, जबकि इस संबंध में राज्य के शिक्षा सचिव ने भी आदेश दे दिया है. शिक्षा सचिव के आदेशानुसार अपनी संचिकाएं लेकर निर्वाचक निबंधक पदाधिकारी (ईआरओ) के पास बीएलओ बने शिक्षकों को जाना है. वहां संचिका तथा कागजातों को जमा करने के बाद वे बीएलओ पद से मुक्त हो जायेंगे. इस आदेश के बाद कई शिक्षक कागजात लेकर ईआरओ का चक्कर काट रहे हैं. ईआरओ से गुहार लगा रहे हैं कि वे उनके कागजातों को जमा ले लें. वे शिक्षा सचिव की चिट्ठी भी दिखा रहे हैं. बावजूद संबंधित क्षेत्र के ईआरओ नहीं मान रहे हैं. इसे भी पढ़ें : दो">https://lagatar.in/after-two-years-board-examination-in-the-examination-hall-students-will-have-to-practice-solving-sample-papers-manohar-lal/">दो

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शिक्षक बताते हैं कि इआरओ का कहना है कि बीएलओ पद पर नियुक्ति निर्वाचन शाखा से हुई है न कि शिक्षा विभाग के आदेश पर. इस कारण बिना निर्वाचन शाखा की अनुमति के उन्हें बीएलओ पद से मुक्त नहीं किया जा सकता है. इस संबंध में झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने कहा कि पदाधिकारियों में आपसी तालमेल का अभाव है. शिक्षा सचिव सह राज्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी शिक्षकों को पांच जनवरी तक बीएलओ के कार्य से मुक्त करने का आदेश दिया था. बावजूद शिक्षकों को इस कार्य से मुक्त नहीं किया जा रहा है. नियम-कानून का पाठ पढ़ाया जा रहा है. आगामी 21 जनवरी को संघ की ओर से महाधरना दिया जा रहा है, जिसमें शिक्षकों को बीएलओ कार्य से मुक्त करने की मांग भी शामिल होगी. [wpse_comments_template]
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