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होली सैटरडे के दिन यीशु मसीह के विशेष बलिदान को करते हैं याद : फादर सुशील टोप्पो

Ranchi :  ईसाई समुदाय में चार दिनों का पवित्र सप्ताह (मनाया जा रहा है. पहले दिन माउंडी थर्सडे और दूसरे दिन गुड फ्राइडे मनाया गया. गुड फ्राइडे के दिन प्रभु यीशु मसीह को क्रूस पर चढ़ा दिया गया था. आज तीसरे दिन होली सैटरडे (पुण्य शनिवार) मनाया जा रहा है. इस दिन मसीही विश्वासी प्रभु यीशु मसीह के विशेष बलिदान को याद करते हैं. जिसने हमारे पापों के लिए अपने जीवन में कठिनाइयों का सामना किया, दुख सहा और क्रूस पर चढ़ा दिये गये. होली सैटरडे के बाद चौथे दिन ईस्टर संडे मनाया जायेगा. इस दिन सभी गिरजाघरों में विशेष प्रेयर मीट और प्रभु यीशु मसीह के पुनरुत्थान को याद किया जायेगा.  चार दिनों के पवित्र सप्ताह से पहले 40 दिनों का लेंट पर्व मनाया जाता है. इस दौरान मसीही उपवास रखकर प्रभु यीशु मसीह के क्रूस पर चढ़ाये जाने से पहले उनकी यातनाएं और पीड़ा को याद करते हैं.

पास्का (ईस्टर) जागरण

फादर सुशील टोप्पो ने बताया कि आज (शनिवार) को धर्मविधि मध्य रात्रि में संपन्न की जायेगी, ताकि पास्का जागरण (ईस्टर) मना सके. पास्का जागरण सभी जागरण से पवित्र और महान होता है. इस जागरण में यीशु मसीह के पुनरुत्थान का महापर्व मनाते हैं. उनकी जीव उठन का उत्सव मानते हैं और इस महान घटना को याद करते हैं, जिसने हमें नयी जीवन की आशा दी. यह पास्का जागरण हमें यीशु मसीह के प्रेम और बलिदान की महत्ता को समझाता है.

पास्का जागरण चार भागों में होता है संपन्न

1. प्रकाश की धर्म-विधि :

यह भाग आग या प्रकाश पर केंद्रित है. जो यीशू ख्रीस्त का प्रतीक है. पास्का के दिन, पौ फटते ही ( सवेरे का उजाला दिखाई पड़ना),ही यीशु ने मृत्यु पर विजय प्राप्त की है. पास्का मोमबत्ती उनकी गौरवमयी एवं महिमावान पुनर्जीवित उपस्थिति का चिन्ह है. ज्योति का गुणगान बड़े भक्ति और उत्साह के साथ जलती हुई पास्का मोमबती के सामने गया जाता. यह पास्का मोमबत्ती पुनर्जीवित प्रभु के प्रतीक है. यह गीत धार्मिक-विधियों में सबसे मूल्यवान मोती है. 2. शब्द समारोह अर्थात ईश-वचन की उद्घोषणा इस भाग में पवित्र बाइबिल के पुराने व्यवस्थान से हमारे ऐतिहासिक ईश्वरीय मुक्तियोजना से संबंधित पाठ सुना जाता है और मनन-चिंतन किया जाता है. इस दिन मसीही विश्वासी भजन भी गाते हैं. निर्गमन ग्रंथ से पाठ करना अनिवार्य होता है. 3. जल बपतिस्मा का आशीष इस धर्मविधि में पास्का मोमबत्ती से जल की आशीष होती है और यदि कोई बच्चा है, तो बपतिस्मा दिया जाता है. वहां सभी उपस्थित मसीही विश्वासी अपने बपतिस्मा के दिन को याद करते हुए पास्का मोमबत्ती से अपनी-अपनी मोमबत्ती जलाते हैं और हाथ में लेकर आदर्श ख्रीस्तीय जीवन बिताने की प्रतिज्ञा दोहराते हैं. 4. पवित्र यूखारिस्त अंत में पवित्र यूखारिस्त के साथ पास्का जागरण समाप्त होता है. पवित्र यूखारिस्त एक महत्वपूर्ण धर्म विधि है, जिसमें हम यीशु मसीह के प्रेम और बलिदान की याद करते हैं. वहां सभी उपस्थित मसीही विश्वासी कैथोलिक कलीसिया के शिक्षा के अनुसार पुनर्जीवित यीशु के शरीर और रक्त को रोटी और दाखरस के रूप में ग्रहण करते हैं. पास्का पर्व ख्रीस्तीयों का सबसे बड़ा पर्व है. जिसमें प्रभु यीशु के पुनरुत्थान का उत्सव मनाया जाता है. यह महापर्व ख्रीस्त विश्वासियों के लिए एक नई उर्जा के साथ नई शुरुआत लेकर आता है. [wpse_comments_template]

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