Search

 
 
 

चैती छठ महापर्व : आज अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगे व्रती, करेंगे सुख-समृद्धि की कामना

 
Ranchi :   चार दिवसीय महापर्व छठ का आज तीसरा दिन और पहला अर्घ्य है. यह चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है. इस दिन व्रती अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देते हैं. आज सूर्योदय 05 बजकर 39 मिनट पर हुआ. वहीं सूर्यास्त का समय शाम 06 बजकर 05 मिनट पर है. चौथे दिन (4 अप्रैल) को उदीयमान सूर्यदेव को अर्घ्य दिया जायेगा. इस दिन सूर्योदय 05 बजकर 38 मिनट पर होगा. इसके बाद व्रती के पारण के साथ चार दिवसीय महापर्व छठ का समापन होगा.

तांबे के लोटे में दूध व गंगा जल मिलाकर सूर्य देवता को दें अर्घ्य

पहले अर्घ्य के दिन अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. व्रती दिन भर निर्जला व्रत रखते हैं और शाम में किसी तालाब, नदी या जलकुंभ में जाकर सूर्य की उपासना करते हैं. इसके बाद डूबते हुए सूर्य को दूध और पानी से अर्घ्य देते हैं. शास्त्रों के अनुसार, तांबे के लोटे में दूध और गंगा जल मिलाकर सूर्य देवता को अर्घ्य देना चाहिए.

केवल छठ में होती है डूबते सूर्य की उपासना

बता दें कि अस्ताचलगामी यानी डूबते सूर्य की उपासना केवल छठ पूजा में ही होती है. ऐसा माना जाता है कि इस समय सूर्य अपनी दूसरी पत्नी प्रत्यूषा के साथ रहते हैं. इसीलिए प्रत्यूषा को अर्घ्य दिया जाता है. शाम के समय सूर्य की आराधना से जीवन में संपन्नता आती है. अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देने से हर तरह की परेशानी दूर होती है.
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही