शरीर के विभिन्न अंगों में कील चुभोकर खूंटे पर लटके भोक्ता Akshay Chaubey Topachachi : कहते हैं भारत रहस्यों व आश्चर्य का देश है. यहां धर्म के नाम पर आज भी कई परंपराएं जिंदा है, जो अनूठी और काफी अद्भुत है. तोपचांची प्रखंड के रामाकुंडा पंचायत अंतर्गत शिव मंदिर प्रांगण में भी कुछ ऐसा ही अद्भुत नजारा देखने को मिला. शिव मंदिर प्रांगण में आयोजित चड़क पूजा में भोक्ताओं ने अपने शरीर के विभिन्न अंगों में कील चुभोकर अचंभित करने वाले करतब दिखाये. आश्चर्य की बात यह है कि पीठ पर हुक फंसाने और छड़ को मुख के आरपार करते समय व बाद में भी भोक्ताओं को दर्द नहीं होता. पूजा-अर्चना के बाद खंभे में बांधकर भोक्ताओं को परिक्रमा कराया गया. खंभे के पास भोक्ताओं के परिवार की महिला सदस्य उपवास करके खड़ी रहीं. भोक्ता अपने शरीर में कील चुभोकर चारपहिया गाड़ी खींचते नजर आये.
https://lagatar.in/wp-content/uploads/2024/04/9c618a25-b4f3-4cce-b3f0-cc954d7c072f.jpeg"
alt="" width="1156" height="652" /> जेएलकेएम के केंद्रीय उपाध्यक्ष दीपक कुमार रजक ने कहा कि ईश्वर की महिमा अपरम्म्पार है. कहा कि भगवान से प्रार्थना करते हैं कि भोक्ताओं पर किसी तरह की आंच ना आये. उन्होंने पूजा में शामिल ग्रामीणों को चड़क पूजा की शुभकामनाएं दी. बता दें कि चड़क पूजा में तोपाचांची और इसके आसपास के हजारों ग्रामीण पहुंचे थे. मंदिर परिसर में चारों ओर भक्तिमय माहौल बना रहा. आस्था के पर्व पर श्रद्धालु गाजे-बाजे के साथ झूमते नजर आये. [wpse_comments_template]
दीपक रजक ने ग्रामीणों को चड़क पूजा की बधाई दी
alt="" width="1156" height="652" /> जेएलकेएम के केंद्रीय उपाध्यक्ष दीपक कुमार रजक ने कहा कि ईश्वर की महिमा अपरम्म्पार है. कहा कि भगवान से प्रार्थना करते हैं कि भोक्ताओं पर किसी तरह की आंच ना आये. उन्होंने पूजा में शामिल ग्रामीणों को चड़क पूजा की शुभकामनाएं दी. बता दें कि चड़क पूजा में तोपाचांची और इसके आसपास के हजारों ग्रामीण पहुंचे थे. मंदिर परिसर में चारों ओर भक्तिमय माहौल बना रहा. आस्था के पर्व पर श्रद्धालु गाजे-बाजे के साथ झूमते नजर आये. [wpse_comments_template]
Leave a Comment