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हजारीबाग: फगुनिया के प्यार में पहाड़ को चीर डाला - गणेश

 
Hazaribagh: हजारीबाग सदर प्रखंड के चपवा गांव में भुईयां समाज की ओर से माउंटेन मैन दशरथ मांझी की पुण्यतिथि पर एक सेमिनार किया गया. सेमिनार की अध्यक्षता तपेश्वर राम और संचालन राजेश राम ने किया. इस अवसर पर सीपीएम नेता गणेश कुमार सीटू ने कहा कि गया जिले के गहलौर गांव के दशरथ मांझी की प्रेम कहानी एक मिसाल है. वह अपने हाथों से 22 वर्षों तक उस पहाड़ की चट्टानों को काटते रहे थे, जो उनकी पत्नी की मौत की वजह बनी थी. वर्ष 1960 से लेकर 1982 तक पहाड़ को पागलों की तरह छेनी और हथौड़ी से काट डाला था. दशरथ ने 22 साल में 25 फीट ऊंचा, 30 फीट चौड़ा और 360 मीटर लंबे पहाड़ को काटकर आम लोगों के लिए रास्ता बना दिया. इस रास्ते के बन जाने से गहलौर से वजीरगंज सहित कई गांवों के आवागमन के लिए 40 किलोमीटर की दूरी कम गई. इसे मोहब्बत का प्रतीक भी कहा जाता है. दशरथ मांझी के बेटे भागीरथ मांझी बताते हैं कि उस वक्त दशरथ मांझी को लोग पागल कहते थे. वह सुबह होते ही छेनी हथौड़ी लेकर पहाड़ को काटने चले जाते थे. सेमिनार में धनेश्वर जी अजय राम विजय राम प्रदीप राम, बाली भुईयां, मीना देवी, इंदुवा देवी, लिलो देवी, नीलम देवी, किरण देवी, पिंकी देवी, रीना देवी सहित भुईयां समाज के कई लोगों ने भाग लिया. इसे भी पढ़ें - चिकित्सक">https://lagatar.in/doctor-rape-murder-case-demonstration-of-doctors-continues-across-the-country-including-delhi-kolkata/">चिकित्सक

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