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चतरा में TPC का उग्रवादी ढेर, 1 गिरफ्तार, डीजीपी ने कहा- मुख्यधारा से जुड़ें अन्यथा कड़ी कार्रवाई के लिए रहें तैयार

 
Chatra: चतरा पुलिस और टीपीसी उग्रवादी के बीच मुठभेड़ हुई. यह घटना बुधवार की रात वशिष्ठनगर जोरी थाना क्षेत्र के बॉर्डर पर स्थित गनियोतरी जंगल में हुई. जहां एसपी विकास पांडेय को मिली गुप्त सूचना के आधार पर एसडीपीओ संदीप सुमन के नेतृत्व में सर्च अभियान पर निकली पुलिस टीम का सबजोनल कमांडर हरेंद्र गंझू दस्ते के मुठभेड़ हुई है. इस मुठभेड़ में दोनों ओर से गोलीबारी हुई. जिसमें हरेंद्र गंझू और ईश्वरी गंझू नाम का दो उग्रवादी मारा गया. साथ ही महेंद्र भोक्ता नाम का एक उग्रवादी गिरफ्तार हुआ. इन उग्रवादियों के पास से एक एके 47 और एक देसी कट्टा बरामद हुआ है. गुरुवार को चतरा में डीजीपी अनुराग गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी दी. इस मौके पर डीआईजी सुनील भास्कर और एसपी विकास पांडेय उपस्थित थे.

नक्सलियों का समय खत्म हो चुका हैः डीजीपी

डीजीपी ने कहा कि नक्सलियों से अपील है कि नक्सलियों का समय खत्म हो चुका है. ये किसी न किसी दिन पुलिस की गोली का शिकार होगें. वे हिंसावादी विचारधारा को छोड़कर झारखण्ड सरकार के आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति की नई दिशाका लाभ लेकर मुख्यधारा से जुड़ें अन्यथा कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें. सभी नक्सली सरकार द्वारा दी जा रही इस सुविधा का लाभ उठायें एवं नक्सलवाद विचारधारा को त्याग मुख्यधारा में शामिल हों

दो जवानों की हत्या में शामिल था हरेंद्र

चतरा में आठ फरवरी 2024 की शाम टीपीसी उग्रवादियों और पुलिस के बीच भीषण मुठभेड़ हुई थी. यह मुठभेड़ हरेंद्र गंझू के दस्ते साथ हुई थी. इसमें पुलिस के दो जवान शहीद हो गए थे, जबकि तीन जवान जख्मी हो गए थे. शहीद जवानों में सुकन राम पलामू के तरहसी, जबकि सिकंदर सिंह गया के वजीरगंज के रहने वाले थे. इसे भी पढ़ें - ">https://lagatar.in/bjps-allegation-indi-alliances-goal-is-to-put-constitutional-institutions-in-the-dock/">

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