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टीपीसी सब जोनल कमांडर और पांच लाख का इनामी नागेश्वर गंझू ने किया सरेंडर, चतरा पुलिस की सफलता

 

Chatra : टीपीसी सब जोनल कमांडर पांच लाख का इनामी नागेश्वर गंझू ने सरेंडर कर दिया. चतरा पुलिस और सीआरपीएफ द्वारा संयुक्त रूप से चलाए जा रहे हैं अभियान और सरकार की सरेंडर पॉलिसी से प्रभावित होकर टीपीसी जोनल कमांडर पांच लाख इनामी नागेश्वर गंझू ने एसपी ऋषभ कुमार झा के समक्ष शुक्रवार को सरेंडर कर दिया. इससे पहले बीते 14 जनवरी को टीपीसी संगठन के सेकंड सुप्रीमो 15 लाख का इनामी मुकेश गंझू चतरा पुलिस के समक्ष सरेंडर किया था.

चतरा, पलामू में सक्रिय था नागेश्वर गंझू

टीपीसी सब जोनल कमांडर पांच लाख का इनामी नागेश्वर गंझू कुंदा थाना क्षेत्र बैरियाचक गांव का रहने वाला है. नागेश्वर गंझू साल 2011 से चतरा जिले के कुंदा, हंटरगंज वशिष्ठनगर पांडेपुरा प्रतापपुर और लावालौंग में सक्रिय था. इसके पलामू जिले के पांकी और बिहार के गया जिले के शेरघाटी में सक्रिय था. झारखंड सरकार ने नागेश्वर के ऊपर पांच लाख का इनाम घोषित किया था. नागेश्वर के खिलाफ कुंदा थाना में कुल छह मामले दर्ज हैं.

एनआईए के रडार पर था नागेश्वर गंझू

टीपीसी के उग्रवादी नागेश्वर गंझू एनआईए के रडार पर था. पलामू से जुड़े कांड संख्या आरसी 23/18 में टीपीसी के सुप्रीमो गोपाल सिंह भोक्ता उर्फ बृजेश गंजू, जोनल कमांडर मुकेश गंझू, आक्रमण जी, परमजीत और नागेश्वर गंझू को मोस्ट वांटेड घोषित किया गया है. गौरतलब है कि पलामू जिले के पाकी में 23 नवंबर 2017 को उग्रवादी संगठन टीपीसी के श्याम भोक्ता को गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी के बाद श्याम के पास से पुलिस ने 5 लाख नगद, एक पिस्टल, कारतूस और टीपीसी उग्रवादियों से जुड़े सामान को जब्त किया था. इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश पर 9 जुलाई 2018 को एनआईए ने केस को टेकओवर कर जांच की शुरुआत की थी. जांच के दौरान एनआईए को यह जानकारी हासिल हुई कि श्याम सिंह भोक्ता के पास से जो 5 लाख बरामद किए गए थे, वह टेरर फंडिंग में इस्तेमाल के लिए थे. इसके बाद एनआईए ने केस में टीपीसी के सुप्रीमो बृजेश गंजू, आक्रमण, नागेश्वर गंझू और परमजीत को आरोपी बनाया था.

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