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शहर में 90 KM रेडियस पर ट्रैफिक का दबाव ज्यादा, ट्रैफिक पोस्ट 42 पर प्रशिक्षित पुलिसकर्मी सिर्फ 343

Saurav Singh Ranchi : राजधानी में प्रशिक्षित ट्रैफिक जवानों की भारी कमी है. इस कारण सिटी में ट्रैफिक व्यवस्था संभालने में परेशानी हो रही है. रांची में करीब 90 किलोमीटर रेडियस की सड़क पर ट्रैफिक का दबाव है. जिनमें 42 ट्रैफिक पोस्ट हैं. लेकिन इसे संभालने के लिए महज 343 प्रशिक्षित ट्रैफिक पुलिस के कंधों पर ही पूरी जिम्मेवारी है. सिटी की अस्त-व्यस्त ट्रैफिक सिस्टम के पीछे,प्रशिक्षित जवानों का न होना भी एक बड़ा कारण है. झारखंड पुलिस मुख्यालय के रिपोर्ट के मुताबिक, रांची में इस साल जनवरी से लेकर जुलाई तक 104228 वाहनों का चालान काटा गया. इस दौरान जुर्माने के रूप में 41.64 लाख रूपया वसूला गया. इसे भी पढ़ें -हाईकोर्ट">https://lagatar.in/high-court-advocate-association-and-rdba-request-not-to-pass-adverse-order-today/">हाईकोर्ट

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रांची में 1666 ट्रैफिक पुलिस बल पद स्वीकृत

रांची में 1666 ट्रैफिक पुलिस बल के पद स्वीकृत हैं. जिनमें 1192 पुलिसबल कार्यरत हैं. इन 1192 पुलिस बल में 580 होमगार्ड और 59 जैप के जवान शामिल हैं. इनमें से सिर्फ 343 पुलिस के जवान ही प्रशिक्षित हैं. बाकी 849 जवान अप्रशिक्षित हैं. ट्रैफिक पोस्ट पर तैनात पुलिस कर्मियों से बात करने पर उन्होंने ने बताया की 10 से 12 घंटे ड्यूटी करनी पड़ रही है.पुलिस कर्मियों की संख्या कम होने के कारण उन्हें छुट्टी भी नहीं मिल पाती है. इसके अलावा ऐसे स्थानों पर भी जवानों की तैनाती है, उसकी भी हालत जर्जर है. तिरपाल, टेंट, बोरा, प्लास्टिक, फ्लैक्स आदि की मदद से जुगाड़ टेक्नोलॉजी के जरिए जवानों ने अपने लिए शेड बना रखा है.

रांची में निजी कार 2.58 लाख, तो 9.55 लाख दोपहिया वाहन

रांची में निजी कार की संख्या 2.58 लाख, तो वहीं मोटरसाइकिल, स्कूटी एवं मोपेड की कुल संख्या 9.55 लाख है. हर साल हो रहे वाहनों की बिक्री में दो पहिया वाहनों की हिस्सेदारी लगभग 60-65 प्रतिशत रह रही है. जबकि चारपहिया वाहनों की हिस्सेदारी लगभग 20 प्रतिशत है.बीते 22 सालों में राजधानी रांची में न तो नई सड़कें बनी हैं और न ही सड़कों का चौड़ीकरण किया गया है. लेकिन साल दर साल यहां गाड़ियों में बेतहाशा वृद्धि हुई है. रोजाना सड़कों पर गाड़ियों की संख्या बढ़ रही है. औसतन हर साल रांची में एक लाख से ज्यादा वाहन बढ़ रहे हैं. इससे ट्रैफिक पर लगातार लोड बढ़ रहा है. फिर भी बुनियादी सुविधाएं नहीं बढ़ी हैं. स्थिति यह है कि शहर के लोग रोजाना जाम की समस्या से जूझ रहे हैं. इसे भी पढ़ें - आरक्षण">https://lagatar.in/protest-against-sc-decision-on-creamy-layer-in-reservation-mixed-effect-of-bharat-bandh-trains-stopped-lathi-charge-in-patna/">आरक्षण

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