Dharmendr Kumar Jamshedpur : जमशेदपुर देश का ऐसा इकलौता शहर है जहां सरकारी एजेंसियों द्वारा वाहन पार्किंग के लिए फुटपाथ की बन्दोबस्ती कर राजस्व वसूला जाता है. नियमानुसार फुटपाथ आम लोगों के चलने के लिए होता है. शहर में पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं होने और लोगों द्वारा आदतन भी सड़कों पर गाड़ी पार्क करने की वजह से अक्सर जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. कई बार तो एम्बुलेंस भी जाम में फंस जाते हैं. 10 लाख आबादी वाले जमशेदपुर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था मात्र 75 जवानों के भरोसे है. जाहिर है ऐसे में प्रतिदिन सड़क जाम से प्रतिदिन रू-ब-रू होना शहरवासियों की नियति बन गई है. राजस्व वसूली में प्रदेश में रिकॉर्ड बनाने वाले पूर्वी सिंहभूम के लोग ट्रैफिक व्यवस्था से त्रस्त हैं, जबकि प्रशासन केवल राजस्व वसूली में व्यस्त है.
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alt="" width="300" height="225" /> सडक पर खड़े ट्रेलर.[/caption] विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए ट्रैफिक पुलिस में 350 जवानों का पद सृजित है, जबकि वर्तमान में मात्र 75 जवान तैनात हैं. वह भी कभी कभार विधि व्यवस्था में कुछ जवानों को लगा दिया जाता है. पूरे शहर की यातायात व्यवस्था मात्र 75 जवानों के भरोसे है. इतना ही नहीं ट्रैफिक डीएसपी जैसे महत्वपूर्ण पद भी ट्रैफिक डीएसपी बबन सिंह के रिटायर होने के बाद से प्रभारी पदाधिकारी के भरोसे है.
जमशेदपुर में यातायात पुलिस बल की संख्या अपेक्षा अनुरूप कम है
[caption id="attachment_233189" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="225" /> सडक पर खड़े ट्रेलर.[/caption] विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए ट्रैफिक पुलिस में 350 जवानों का पद सृजित है, जबकि वर्तमान में मात्र 75 जवान तैनात हैं. वह भी कभी कभार विधि व्यवस्था में कुछ जवानों को लगा दिया जाता है. पूरे शहर की यातायात व्यवस्था मात्र 75 जवानों के भरोसे है. इतना ही नहीं ट्रैफिक डीएसपी जैसे महत्वपूर्ण पद भी ट्रैफिक डीएसपी बबन सिंह के रिटायर होने के बाद से प्रभारी पदाधिकारी के भरोसे है.
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