मैसेज की पहचान कर करवाने होंगे टेंपलेट्स रजिस्टर
टेलीकॉम ऑपरेटर को कल से हर मैसेज की पहचान (सेंडर आईडी) और जांच करनी होगी. इसके बाद मैसेज टेंपलेट्स रजिस्टर करवाने होंगे. जो मैसेज रजिस्टर्ड नहीं होंगे या गलत पहचान से भेजे जायेंगे, उन्हें ब्लॉक कर दिया जायेगा. ट्राई ने पहले टेलीकॉम कंपनियों को इस नियम को 31 अक्टूबर तक लागू करने को कहा था. लेकिन टेलीकॉम कंपनी की मांग पर ट्राई ने इसकी समयावधि बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी थी. अब कल से सभी टेलीकॉम कंपनी (जियो, एयरटेल, वीआई और बीएसएनएल) को ट्रेसेबिलिटी नियम का सख्ती से पालन करना होगा.ओटीपी आने में हो सकती है देरी
सोशल मीडिया पर चल रही खबरों की मानें तो ट्रेसेबिलिटी नियम के लागू होने से आपके फोन में ओटीपी आने में थोड़ी देरी हो सकती है. एक्स पर ट्राई नाम के एक्स अकाउंट से एक वीडियो जारी किया गया है. जिसमें एक लड़की कह रही है कि सर मैंने सुना कि एक दिसंबर से ओटीपी लेट आने वाली है. इस पर सामने वाला शख्स कहता है कि 1 दिसंबर से किसी भी तरह का ओटीपी है, वो आपके पास लेट आयेगा. वो आगे कह रहे हैं कि टेलीकॉम कंपनियां पहले वैरिफाइ करेंगी कि ओटीपी सही जगह जा रहा है या नहीं जा रहा है. सारे वैरिफेकशन करने के बाद मैसेज आपके पास पहुंचेगा. वीडियो में आगे शख्स कह रहा है कि एक दिसंबर से अगर आपको ओटीपी लेट आता है तो आप धबराइये मत, क्योंकि वैरिफिकेशन के बाद ओटीपी आपको पास आयेगा. ऐसे में आपके पास ओटीपी पहुंचने में थोड़ी देरी हो सकती है. वहीं पीआईबी ने फैक्ट चेक ने इस वीडियो को फर्जी बताया है. पीआईबी ने कहा है कि ट्राई ने स्पैम कॉल्स/ संदेशों के माध्यम से होने वाली ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोकने के लिए एक्सेस प्रदाताओं को संदेशों की ट्रेसेबिलिटी सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं. इससे संदेश प्राप्तकर्ताओं तक ओटीपी पहुंचने में देरी नहीं होगी. https://twitter.com/TRAI/status/1862026287537361268https://twitter.com/PIBFactCheck/status/1862130886508155049
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