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वीडियो कॉल पर राम मंदिर को उड़ाने की मिली ट्रेनिंग, अब्दुल ने किये कई अहम खुलासे, ATS ने बलिया से तीन संदिग्ध को दबोचा

 
LagatarDesk :  राम मंदिर पर हमले की साजिश के मामले में संदिग्ध अब्दुल रहमान की गिरफ्तारी के बाद एटीएस की टीम एक्टिव हो गयी है. अब्दुल रहमान के नेटवर्क को खंगालने के लिए एटीएस की टीमों ने छापेमारी शुरू कर दी है. एटीएस की अलग-अलग टीमों ने मंगलवार को लखनऊ, अयोध्या, बलिया, गोंडा, आजमगढ़, सहारनपुर, मऊ सहित कई जिलों में छापेमारी की. इस दौरान बलिया के सुखपुरा, मनियर, रसड़ा, सिकंदरपुर, गड़वार सहित 6 थाना क्षेत्रों के दर्जनभर संदिग्‍धों से पूछताछ की गयी. इसके बाद एटीएस के अधिकारी तीन युवकों को अपने साथ ले गये.  जानकारी के अनुसार, एटीएस की टीम ने पाकिस्तानी आईएसआई महिला एजेंट (इशिका कपूर) और मुंबई में एक निजी फर्म के लिए काम करने वाले राहुल सिंह के बीच संबंधों के बारे में भी पता लगाने की कोशिश कर रही है. साथ ही अब्दुल ने जिस हैंडलर से हैंड ग्रेनेड लिये थे, उसका भी पता लगाया जा रहा है.

 अब्दुल को 10 दिनों की रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही एटीएस

सूत्रों के अनुसार, अब्दुल रहमान ISI के संपर्क में रहने के अलावा कई जमातों से जुड़ा हुआ था. वह फैजाबाद में मटन शॉप चलाता था. साथ ही ऑटो चालक का काम भी करता था. साजिश रचते हुए उसने कई बार अयोध्या के राम मंदिर की रेकी की. उसने पाकिस्तान ISI को तमाम जानकारियां साझा कीं. बताया गया कि अब्दुल रहमान पांच दिन पहले ही अपने घर फैजाबाद से ट्रेन से फरीदाबाद के लिए निकला था. उसने वहां एक हैंडलर से मुलाकात की और उससे दो हैंड ग्रेनेड लिये. रिपोर्ट के अनुसार, हैंड ग्रेनेड लेकर उसे दिल्ली जाना था और वहां से अयोध्या जाकर हमला करना था. लेकिन उससे पहले गुजरात एटीएस और फरीदाबाद एसटीएफ की मदद से उसे गिरफ्तार कर लिया गया. उसके पास से दो हैंड ग्रेनेड बरामद किये गये, जिसे सुरक्षा एजेंसियों ने फरीदाबाद में डिफ्यूज करवाया. बता दें कि अब्दुल रहमान को एसटीएफ 10 दिनों की रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है.

राम मंदिर को उड़ाने के लिए वीडियो कॉल पर दी गयी थी ट्रेनिंग

सूत्रों की मानें तो अब्दुल ने पूछताछ में कई अहम खुलासे किये हैं. उसने पूछताछ में बताया है कि वह कई महीने से राममंदिर की रेकी कर रहा था. राम मंदिर को उड़ाने के लिए कैसे ट्रेनिंग दी जाती थी, उसने इसका भी खुलासा किया है. उसने बताया कि उसे ऑनलाइन वीडियो कॉल पर ट्रेनिंग दी जाती थी और साजिश भी वीडियो कॉल पर ही रची गयी थी. जहां उसे कई टास्क भी दिये गये थे. अब्दुल रहमान के फोन पर कई धार्मिकस्थलों के फोटो और वीडियो भी मिले हैं.  
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