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Court News : लॉकडाउन में पेड़ कटाई मामले में HC ने सरकार से मांगी स्टेटस रिपोर्ट

झारखंड में लॉकडाउन (कोविड़ के दौरान) यानी वर्ष 2020 में वन विभाग के अधिकारियों द्वारा कई जिलों में सैकड़ों पेड़ काट दिए जाने से संबंधित अवमानना याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. मामले में एडीजी सीआईडी वर्चुअली कोर्ट के समक्ष उपस्थित हुए.
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  • एडीजी, सीआईडी वर्चुअली हाईकोर्ट में हुए हाजिर
  • सरकार ने बताया-अनुसंधान में तेजी आई है

Ranchi :  लॉकडाउन (कोविड़ के दौरान) यानी वर्ष 2020 में वन विभाग के अधिकारियों द्वारा झारखंड के कई जिलों में सैकड़ों पेड़ काटने से संबंधित अवमानना याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. मामले में एडीजी सीआईडी वर्चुअली कोर्ट के समक्ष उपस्थित हुए. 

 

सरकार ने कोर्ट को बताया कि अनुसंधान में तेजी आई है. मामले में एक नामजद आरोपी महाराज सिंह की गिरफ्तारी हुई है. जबकि एक अन्य आरोपी मोहाफिज अंसारी के खिलाफ केस चलाने के लिए अभियोजन स्वीकृति मिल गई है.

 

न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने सरकार से अगली सुनवाई में अनुसंधान की स्थिति पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी है. अब मामले की अगली सुनवाई 15 जून को होगी.  सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने पक्ष रखा.

 

पिछले सुनवाई में मामले में राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि इस मामले में रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर, रेंजर, वन गार्ड और अन्य वन अधिकारियों की संलिप्तता पाई गई है, इसलिए जांच में देरी हुई है.

 

दो वन अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है. जबकि एक के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है. कोर्ट को बताया गया कि मामले में दो प्राथमिकी पलामू में दर्ज की गई थी. कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार को दो सप्ताह में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया.

 

 

PCCF-DGP के जवाब पर कोर्ट ने जताई थी नाराजगी

दरअसल पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने पीसीसीएफ व डीजीपी के जवाब पर कड़ी नाराजगी जताई थी. मौखिक रूप से कहा था कि सीआईडी जांच अब तक अधूरी है, यह अवमानना का मामला बनता है.  

 

यह भी कहा था कि 6 साल से इसकी जांच ही चल रही है. पीसीसीएफ और डीजीपी से स्पष्टीकरण मांगा गया था, जो संतोषजनक नहीं है. उनके द्वारा केवल पीसीएफ कार्यालय से जंगल काटे जाने से संबंधित कागजात मांगे जाने की बात कही जा रही है.

 

जबकि कोर्ट ने सीआईडी जांच कर त्वरित कार्रवाई करने को कहा था. जंगल कटाई से संबंधित दस्तावेज नहीं मिलने का बहाना बनाया जा रहा है और कहा जा रहा है कि सीआईडी जांच चल रही है.   

 

सीआईडी कर रही मामले की जांच  

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020 में लॉकडाउन के समय झारखंड के जामताड़ा, पलामू, चाईबासा, रांची आदि जिलों में वन विभाग की ओर से सैकड़ों पेड़ काट दिए गए थे. इन काटे गए पेड़ों को 200 से अधिक ट्रकों में भरकर ले जाया गया था. 

 

बाद में थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसकी जांच सीआईडी कर रही है.

 

 

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