में मनमाने तरीके से भूजल के दोहन पर लगेगी रोक, कानून जल्द
घटनास्थल पर ही की गई सभा
दीवार तोड़ने के बाद घटनास्थल पर ही सभा की गई. जिसे आदिवासी नेता राजेश लिंडा ने संबोधित किया. राजेश ने कहा कि सीएनटी एक्ट के बावजूद आदिवासी जमीन की लूट जारी है. अब पूरे रांची में जमीन लूट के खिलाफ आंदोलन तेज होगा. आदिवासी संघर्ष मोर्चा की नेत्री अलमा खलखो ने कहा कि जान दे देंगे पर जमीन लूटने नहीं देंगे. आदिवासी संघर्ष मोर्चा जमीन पहचान और झारखंडी संस्कृति की रक्षा के लिए लड़ाई को मजबूती से लड़ेगा.alt="" width="1040" height="780" />
रांची में भूमि माफिया, पुलिस और दलालों की गठजोड़ बन गईं है : भुवनेश्वर केवट
घटना पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए भाकपा माले के राज्य कमिटी सदस्य भुवनेश्वर केवट ने कहा कि झारखंड अलग राज्य की राजधानी बनने के बाद रांची में भूमि माफिया पुलिस और दलालों की गठजोड़ बन गईं है. जिसका काम ही है फर्जी कागजात बनाकर विवाद खड़ा करना और पैसे के बल पर जमीन लूट लेना. आदिवासियों की सामाजिक भूमि अखड़ा, मसाना, डाली कतारी और पहनाई जमीन को भी हड़पा जा रहा है. सरकारी एजेंसियां जमीन लूट पर लगाम कसने में पूरी तरह विफल है. अगर यही हालात रहे तो झारखंड पूरी तरह लूटखंड में तब्दील हो जाएगा. जमीन लूट पर विधानसभा की विशेष कमिटी रोक लगाए. झारखंड की जंगल, जमीन, खनिज, संस्कृति नहीं बची तो झारखंड की पहचान ही खत्म हो जाएगी. बिरसा के रास्ते लूट के खिलाफ एक और आंदोलन जरूरी है. जमीन बचाने के अभियान में जमीन मालिकों के अलावे संजीव उरांव, शनिचरवा मुंडा, लालो तिर्की, लीलावती देवी, सोमा मुंडा, अंजला तिग्गा, जगदीश गंझू, बुधवा उरांव आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें : होटल">https://lagatar.in/case-of-passing-the-map-of-hotel-le-lac-hc-said-rrda-officials-did-not-commit-any-conspiracy/">होटलली लैक का नक्शा पास करने का मामला : HC ने कहा- RRDA के अधिकारियों ने कोई षड्यंत्र नहीं किया [wpse_comments_template]

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