Ranchi : आदिवासी समन्वय समिति के तत्वावधान में सोमवार को करम टोली स्थित
धुमकुड़िया भवन में सोमवार को
गीताश्री उरांव की अध्यक्षता में बैठक
हुई. इसमें पांच मार्च को
मोरहाबाद में आदिवासी बचाव रैली को सफल बनाने की
गयी. गीताश्री उरांव ने कहा कि
कुड़मी व महतो भी आदिवासी बनने के लिए सरकार से मांग कर रहे
हैं. इसे रोकने के लिए महारैली बुलायी गयी
है. देश के 15
करोड आदिवासी समाज का विकास रोकने का प्रयास किया जा रहा
है. राज्य भर के विभिन्न आदिवासी संगठनों के लोग शामिल
होंगे. यह
लड़ाई आदिवासी समाज के हक व अधिकार को बचाने के लिए
है. यह जनता की
लड़ाई है. आदिवासी समाज को अलग धर्म कोड दिलाने की
लड़ाई है. हमारी पहचान को खत्म करने की कोशिश की जा रही
है. इसे बचाने के लिए हुंकार भरी जाएगी.
आदिवासी युवा पीढ़ी जाग चुकी है- धान
पूर्व मंत्री
देवकुमार धान ने कहा कि आदिवासी युवा पीढ़ी जाग चुकी
है.आदिवासी समाज के धर्म, संस्कृति, पारंपरिक व्यवस्था को बचाने के लिए महारैली आयोजित की गई
हैं. क्योंकि आदिवासियों की जमीन लूटी जा रही
है. उनकी परंपरा, इतिहास, धर्म संस्कृति, प्रथा को खत्म करने की कोशिश की जा रही
है. मौके पर
कुंदरसी मुंडा, अजय तिर्की,
प्रेमशाही मुंडा. लक्ष्मी नारायण मुंडा समेत
सैकड़ों आदिवासी शामिल
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