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आदिवासी संघर्ष मोर्चा ने राजभवन गेट के सामने दिया धरना

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Ranchi :  आदिवासी संघर्ष मोर्चा ने अपनी मांगों को लेकर गुरुवार को राजभवन गेट के सामने एकदिवसीय धरना दिया. मौके पर  मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक देवकी नंद बेदिया ने कहा कि आदिवासियों की जमीन पर भू-माफिया, सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों की नजर लगी है. ये लोग मिलीभगत कर आदिवासियों की जमीन पर बुलडोजर चलाकर गरीब आदिवासियों को बेदखल करने का प्रयास कर रहे हैं.  भूईंहरी जमीन की अवैध बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है. कहा कि झारखंड के आदिवासियों की समस्या जस की तस है. विकास के नाम पर लोगों का विस्थापन, पलायन हो रहा है.  गैरमजरुआ व वनभूमि की जमीन पर लंबे समय से आदिवासियों का कब्जा रहा है. हुक्मनामा जमीन की रसीद काटना बंद कर दिया गया है.  रातू, बुढ़मू, चान्हो, खलारी व बलथरवा में ग्रामीणों की जमीन की रसीद नहीं काटी जा रही है.

अंतिम सर्वे खतियान के आधार पर स्थानीय नीति तय करनी होगी

कोर्ट द्वारा आदिवासियों की भूमि वापसी आदेश के बावजूद दखल दिहानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. जगरनाथ उरांव ने कहा कि हेहल, बाजरा में हो रही जमीन लूट पर लगाम कसना जरूरी है. मनोज भगत ने कहा कि झारखंड की बे-लगान जमीन को भूमि बैक में डाला जा रहा है.  सरकार बड़े पैमाने पर सामुदायिक जमीन को काँरपोरेट के हाथों बेचने के लिए पंचपरगना क्षेत्र खूंटी में ड्रोन सर्वे चला रही है. इसे रदद करने के लिए वहां के आदिवासियों की एकता को मजबूती देनी होगी.  झारखंड में अंतिम सर्वे खतियान के आधार पर स्थानीयता की नीति तय करना होगा.  रोजगार नियोजन नीति बनाकर रोजगार बहाल करना होगा. इसे भी पढ़ें – मैन्युफैक्चरिंग">https://lagatar.in/manufacturing-license-holders-will-not-be-renewed-after-march-31/">मैन्युफैक्चरिंग

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