Balumath (Latehar) : बारियातु प्रखंड के नचना ग्राम स्थित सुरांगी टोला में आदिवासी समुदाय की एक बैठक की गयी. बैठक में आदिवासियों के इतिहास, पहचान, हक व अधिकारों की चर्चा की गयी. अध्यक्षता जगदीश उरांव ने किया. सेवानिवृत्त शिक्षक सरयू उरांव ने कहा कि आज से 191 वर्ष पूर्व हमारे पूर्वजों ने अंग्रेजों व जमींदारों से अपनी पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था पड़हा, अपनी जमीन, भाषा, संस्कृति एवं धर्म की रक्षा करने तथा अंग्रेजों के अत्याचार से मुक्ति पाने के लिए कोल विद्रोह किया था. लालजी उरांव ने कहा कि आज आदिवासी समाज के अस्तित्व को मिटाने के लिए चौतरफा हमला किया जा रहा है. हमारे धर्म व संस्कृति विरासत को खत्म करने का लगातार षड्यंत्र किया जा रहा है. प्राचीन मुंडा भूमि व्यवस्था में भूमि पर किसी व्यक्ति का एकल अधिकार नहीं होता था. मुंडा और पाहन की देखरेख में जमीन को गांव के लोगों के बीच बांट दिया जाता था. पूर्व मुखिया प्रमोद उरांव ने कहा कि आदिवासियों की पारंपरिक भूमि व्यवस्था को फिर से लागू नहीं किये जाने के कारण आज आदिवासियों की जमीन लूटी जा रही है. अध्यक्षता कर रहे जगदीश उरांव ने समाज के लोगों से शिक्षित होने की अपील की और शिक्षा के अभाव में आदिवासी समाज पर आज चारो ओर से हमला हो रहा है. बैठक में एकीकृत बालूमाथ प्रखंड में कुडुख व अंग्रेजी भाषाओं के विद्यालय खोलने एवं आगामी 17 फरवरी को हर्षोल्लास के साथ वीर बुधु भगत की जयंती मनाने का निर्णय लिया गया. इसे भी पढ़ें : 1932">https://lagatar.in/rjd-is-with-the-local-policy-decision-based-on-1932-khatian-tejashwi-yadav/">1932
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आदिवासी समाज ने की बैठक, वक्ताओं ने कहा- अपनी संस्कृति व पहचान बचाने के लिए जागें

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