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पारसनाथ के मधुबन में जुटे आदिवासी, पीएम, सीएम और विधायक सुदिव्य पुतले जलाये

  • सभा में उठी मांग - मरांग बुरू को आदिवासियों का तीर्थ स्थल घोषित करे सरकार
  • रांची से पहुंचे लोबिन, सालखन, गीताश्री सहित कई आदिवासी नेता 
Ranchi : पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत मंगलवार को रांची सहित पूरे राज्य के आदिवासियों का जमावड़ा पारसनाथ के मधुबन में हुआ. मधुबन से पारसनाथ पहाडी तक आक्रोश रैली निकाली गयी. झारखंड बचाओ मोर्चा, मरांग बुरू सांवता सुसार बैसी और आदिवासी-मूलवासी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले आयोजित आक्रोश मार्च दिशोम माण थाना पहुंचा. इस दौरान केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्थानीय विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के पुतले जलाये गये. दिशोम गुरु शिबू सोरेन व भाजपा विधायक दल नेता बाबूलाल मरांडी के खिलाफ भी नारे लगाए गए. मरांग बुरू का अतिक्रमण रोकने और इसे आदिवासियों का तीर्थ स्थल घोषित करने की एक स्वर से मांग की गयी.

पारसनाथ पहाड़ी और परिसर जैन धर्मियों का नहीं है

कार्यक्रम में झामुमो विधायक लोबिन हेंब्रम, जयराम महतो, सूर्य सिंह बेसरा, सालखन मुर्मू, गीताश्री उरांव समेत कई नेता रांची से पहुंचे. थाना पहुंचने के बाद पहाड़ के नीचे सभा की गयी. इन नेताओं ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार आदिवासियों की भावना के साथ खिलवाड़ कर रही है. इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पारसनाथ पहाड़ी और परिसर जैन धर्मियों का नहीं है. यह पहाड़ी और परिसर आदिवासियों का तीर्थ स्थल है. इसलिए सरकार के हर हाल में इसे आदिवासियों का तीर्थ घोषित करना होगा. इसे भी पढ़ें – हेमंत">https://lagatar.in/31-proposals-got-approval-in-hemant-cabinet/">हेमंत

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