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पारसनाथ को लेकर आदिवासियों ने जारी किया 10 जनवरी के कार्यक्रम का पोस्टर, जैन समाज को अतिक्रणकारी बताया

Ranchi: पारसनाथ पर किसका एकाधिकार रहेगा. जैन धर्मियों या आदिवासियों का. क्या सरकार कुछ ऐसा रास्ता निकाल पाएगी कि दोनों धर्मों के लोग उसे स्वीकार करें, और शांति व्यवस्था कायम हो सके. झारखंड बचाओ मोर्चा ने 10 जनवरी के कार्यक्रम को लेकर अपना पोस्टर जारी कर दिया है. इसे पढ़ें- त्रिपुरा">https://lagatar.in/tripura-cm-manik-saha-told-left-leaders-bjp-is-like-ganga-river-should-take-a-dip-to-wash-away-sins/">त्रिपुरा

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पोस्टर में जहां एक ओर मरांग बुरू पूजा स्थल को दर्शाया गया है, वहीं जैन धर्मावलंबियों को पारसनाथ पर अतिक्रमणकारी बताते हुए वहां से भागने की चेतावनी दी है. पोस्टर के तेवर बता रहे हैं कि अब इस मामले में आदिवासी पीछे हटने वाले नहीं हैं. इसे भी पढ़ें- शाम">https://lagatar.in/evening-news-diary-08-jan-2023-jhar-news-updates/">शाम

की न्यूज डायरी।।08 JAN।।कक्षा 5 तक के बच्चों की बढ़ी छुट्टियां।।मंगलवार तक न्यायिक कार्य से दूर रहेंगे वकील।।प्रदेश अध्यक्ष का विरोध पड़ा महंगा,5 कांग्रेसी होंगे आउट।।देश में फैलाया जा रहा डर- राहुल।।समेत कई खबरें और वीडियो।।
आदिवासी समाज के लोग 10 जनवरी को झारखंड सहित पूरे देश से लाखों की संख्या में पारसनाथ पहुंचने का दावा कर रहे हैं. इधर आदिवासी सेंगल अभियान ने पहले से ही पासरनाथ को लेकर अपना आंदोलन का आगाज कर दिया है. [wpse_comments_template]  

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