National News : कांग्रेस ने SIR अपीलों की सुनवाई के लिए नियुक्त 19 ट्रिब्यूनल जजों द्वारा चुनाव आयोग (ECI) के पोर्टल पर प्रश्न चिह्न खड़ा किये जाने पर चुनाव आयोग पर हल्ला बोला है. कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, वोट चोर ज्ञानेश अपनी आदत से बाज नहीं आ रहा है.
'वोट चोर' ज्ञानेश अपनी आदत से बाज नहीं आ रहा है सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में SIR अपीलों की सुनवाई के लिए ट्रिब्यूनल जज नियुक्त किए थे। लेकिन अब उस ट्रिब्यूनल के 19 जजों ने चुनाव आयोग के पोर्टल पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। जजों का कहना है कि चुनाव आयोग का पोर्टल उनके काम में अड़ंगा डाल रहा है। जजों के मुताबिक- पोर्टल में बहुत सारी खामियां हैं। जैसे: ⦿ ट्रिब्यूनल सीधे पार्टियों को नोटिस नहीं भेज सकते ⦿ ट्रिब्यूनल पार्टियों की ऑनलाइन सुनवाई नहीं कर पा रहे ⦿ अपीलों के रिकॉर्ड को रखने का कोई ऑप्शन नहीं है, क्योंकि इन्हें डिजिटल नहीं किया गया ⦿ अपीलकर्ता के पास ट्रिब्यूनल का आदेश डाउनलोड करने या उसकी सर्टिफाइड कॉपी पाने का ऑप्शन नहीं है ⦿ ट्रिब्यूनल कोई डॉक्यूमेंट स्टोर नहीं कर सकते और जब जज, DMs/DEO को ईमेल करते हैं, तो उसका रिस्पॉन्स बहुत खराब है साफ है- पहले तो मोदी के इशारे पर ज्ञानेश ने पश्चिम बंगाल में SIR के नाम पर लोगों के वोट काटे और अब जजों को काम नहीं करने दे रहे हैं। गद्दार ज्ञानेश याद रखे कि न तो वो बचेगा, न ही उसके आका। सबका हिसाब होगा - सब नपेंगे।
— Congress (@INCIndia) October 7, 2026
कांग्रेस ने कहा, सुप्रीम कोर्ट द्वारा पश्चिम बंगाल में SIR अपीलों की सुनवाई के लिए ट्रिब्यूनल जज नियुक्त किये गये थे, लेकिन ट्रिब्यूनल के 19 जजों ने चुनाव आयोग के पोर्टल पर सवाल खड़े कर दिये हैं.
कांग्रेस ने कहा कि जजों का कहना है कि चुनाव आयोग का पोर्टल उनके काम में रुकावट डाल रहा है. जजों के अनुसार पोर्टल में खामियां भरी हुई हैं.
कांग्रेस ने जजों की शिकायतों का जिक्र करते हुए कहा, ट्रिब्यूनल सीधे पार्टियों को नोटिस नहीं भेज सकते. ट्रिब्यूनल के जज पार्टियों की ऑनलाइन सुनवाई नहीं कर पा रहे. डिजिटल नहीं किये जाने के कारण अपीलों का रिकॉर्ड रखने का कोई ऑप्शन नहीं है.
कांग्रेस ने बताया कि अपीलकर्ता के पास ट्रिब्यूनल का आदेश डाउनलोड करने या उसकी सर्टिफाइड कॉपी पाने का ऑप्शन गायब है. ट्रिब्यूनल किसी भी प्रकार का डॉक्यूमेंट स्टोर नहीं कर सकता.
कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार पर हमलावर होते हुए कहा, एक ओर मोदी के इशारे पर पश्चिम बंगाल में SIR के नाम पर लोगों के वोट काटे गये और अब जजों को काम नहीं करने दिया जा रहा है. CEC ज्ञानेश कुमार को गद्दार करार देते हुए कहा, न तो वो बचेंगे, और न ही उसके आका. सबका हिसाब होगा. सब नपेंगे.
याद करें कि ट्रिब्यूनलों में शामिल 19 जजों ने पिछले दिनों चुनाव आयोग के डिजिटल पोर्टल की खामियों को लेकर शिकायतें दर्ज कराई थी. जानकारी के अनुसार 11 अगस्त को 19 ट्रिब्यूनल जजों की बैठक के मिनट्स में शिकायतें दर्ज की गयी थी. इन शिकायतों को चुनाव आयोग और कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को भेजा गया था.
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