Search

 
 
 

श्रद्धांजलिः नहीं रहीं सोरेन परिवार की धुरी रुपी सोरेन

रूपी सोरेन का जन्म लगभग 1942-43 के आसपास हुआ माना जाता है. 1999 की एक रिपोर्ट में उनकी उम्र 56 वर्ष बताई गई थी, जबकि हालिया रिपोर्टों में उन्हें करीब 80 वर्ष की बताया गया. वे जमशेदपुर के चांडिल क्षेत्र की रहने वाली थीं और विवाह से पहले उनका नाम रूपी किस्कू था.
 

Lagatar Desk

दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रुपी सोरेन का बुधवार की रात निधन हो गया. उनके निधन से राज्य भर में शोक की लहर है. रुपी सोरेन सिर्फ पत्नी व मां नहीं थीं, वह सोरेन परिवार की धुरी थी, जिन्होंने पूरे परिवार को एक सूत्र में बांध रखा था.

 

रूपी सोरेन (जिन्हें रूपी किस्कू या Roopi Soren भी लिखा जाता है) झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक शिबू सोरेन ‘दिशोम गुरु’ की पत्नी तथा वर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां थीं. वे सोरेन परिवार की धुरी रहीं और शिबू सोरेन के लंबे आंदोलन व राजनीतिक जीवन के दौरान घर-परिवार की जिम्मेदारी संभालती रहीं.

 

प्रारंभिक जीवन और विवाह

रूपी सोरेन का जन्म लगभग 1942-43 के आसपास हुआ माना जाता है. 1999 की एक रिपोर्ट में उनकी उम्र 56 वर्ष बताई गई थी, जबकि हालिया रिपोर्टों में उन्हें करीब 80 वर्ष की बताया गया. वे जमशेदपुर के चांडिल क्षेत्र की रहने वाली थीं और विवाह से पहले उनका नाम रूपी किस्कू था.

 

एक जनवरी 1962 को उनका विवाह रामगढ़ जिले के नेमरा गांव के शिबू सोरेन से हुआ. उस समय शिबू सोरेन करीब 18 वर्ष के थे. शादी के तुरंत बाद शिबू सोरेन गिरफ्तार होकर हजारीबाग जेल में बंद हो गए. रूपी सोरेन उस समय नई-नई दुल्हन थीं, कोई संतान नहीं थी और आर्थिक स्थिति कमजोर थी. उन्होंने गांव के लोगों से मदद मांगी, मायके चांडिल जाकर पिता से गुहार लगाई और पिता के साथ हजारीबाग जाकर पति को जेल से छुड़वाकर नेमरा लाईं. उन्होंने बाद में उस दौर को याद करते हुए कहा था कि आज भी मन कांप उठता है.

 

संघर्ष के दिन और परिवार की जिम्मेदारी

1970 के आसपास जब शिबू सोरेन झारखंड आंदोलन, साहूकारों के खिलाफ लड़ाई और फरारी में टुंडी के जंगलों में थे, तो पुलिस अक्सर नेमरा गांव स्थित घर आकर पूछताछ करती थी. एक मौके पर रूपी सोरेन ने पुलिस से कहा था- “यह शिबू सोरेन का घर नहीं है, रूपी सोरेन का घर है. शिबू सोरेन यहां नहीं आते, जहां होंगे वहां जाकर खोजिए.”

 

जब लंबे समय तक पति की कोई खबर नहीं मिली तो वे अपनी सास और ननद के साथ, गोद में बेटे दुर्गा को लेकर, जंगल-पहाड़ों में शिबू सोरेन को ढूंढने निकली थीं. एक अन्य घटना में जब शिबू सोरेन जेल में थे और बिष्टु साव नाम का महाजन खेत जोतने पहुंचा, तो रूपी सोरेन ने विरोध किया और हसुआ लेकर उसके पीछे दौड़ीं. ननद की मदद से उन्होंने महाजन को पीटा और जमीन पर कब्जे की कोशिश रोक दी. चाचा के समझाने पर भी उन्होंने कहा था कि जमीन बचाव खुद कर लेंगी.

 

शिबू सोरेन के आंदोलन और राजनीति में व्यस्त रहने के दौरान रूपी सोरेन नेमरा में रहकर बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और पालन-पोषण की जिम्मेदारी संभालती रहीं. हेमंत सोरेन का जन्म 10 अगस्त 1975 को नेमरा गांव में हुआ था.

 

परिवार

  • - सबसे बड़े बेटे दुर्गा सोरेन (जामा से विधायक और झामुमो के प्रमुख नेता; 2009 में निधन)
  • - हेमंत सोरेन (झारखंड के मुख्यमंत्री)
  • - छोटे बेटे बसंत सोरेन (दुमका से विधायक हैं)
  • - बेटी अंजनी/अंजली सोरेन.

 

राजनीतिक भागीदारी

वे मुख्य रूप से परिवार की पृष्ठभूमि में रहीं, लेकिन 1999 के लोकसभा चुनाव में झामुमो के टिकट पर दुमका (एसटी) सीट से चुनाव लड़ा. शिबू सोरेन उस समय राज्यसभा सदस्य थे और 1998 में बाबूलाल मरांडी से हार चुके थे, इसलिए उन्होंने पत्नी को मैदान में उतारा. रूपी सोरेन को 1,96,493 वोट मिले, जबकि भाजपा के बाबूलाल मरांडी को 2,01,141 वोट मिले. वे करीब 4,650 वोटों के अंतर से हार गईं. बाद में उन्होंने खरसावां विधानसभा सीट से अर्जुन मुंडा के खिलाफ लड़ने की इच्छा जताई थी, लेकिन चुनाव नहीं लड़ा.

 

वे परिवार की एकजुटता बनाए रखने वाली “धुरी” मानी जाती थीं. जून 2024 में हेमंत सोरेन के जेल से रिहा होने पर उन्होंने तिलक लगाकर आरती उतारी थी. नवंबर 2024 में हेमंत के शपथ ग्रहण समारोह में वे व्हीलचेयर पर पहुंची थीं. जून 2026 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से शिबू सोरेन को मरणोपरांत दिए गए पद्म भूषण सम्मान को उन्होंने ग्रहण किया.

 

अंतिम दिन और निधन

शिबू सोरेन का 4 अगस्त 2025 को दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में निधन हो गया था. रूपी सोरेन लंबे समय से अस्वस्थ थीं. सितंबर 2026 में बेहतर इलाज के लिए हेमंत सोरेन उन्हें हैदराबाद और बेंगलुरु ले गए. 18 सितंबर 2026 को छाती और फेफड़ों के संक्रमण तथा सांस की तकलीफ के बाद उन्हें रांची के बरियातू स्थित हिल व्यू अस्पताल में भर्ती कराया गया. स्थिति बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर/लाइफ सपोर्ट पर रखा गया.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही