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त्रिपुरा की राज्यसभा सांसद झरना दास ने कहा, निजीकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने संसद में जबरन बिल पास कराये

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Ranchi : देश की आजादी के बाद से संसद की ऐसी स्थिति कभी नहीं देखी गयी. विपक्षी दलों की बात सुनने के बजाय सत्ता पक्ष उन पर बल प्रयोग कर रहा है. इंश्योरेंस बिल पास करने के लिए संसद मे 62 मार्शलों को लगाया गया, जबकि विपक्षी दलों का दबाव था कि बिल चर्चा के बाद पास हो. चेयरमैन ने इस पर हामी भी भरी लेकिन केद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के हस्तक्षेप से बिल पास कराया गया. यह आरोप त्रिपुरा की राज्यसभा सांसद झरना दास ने लगाया है, झरना दास शनिवार को सीपीआइ(एम) कार्यालय मे प्रेस वार्ता को संबोधित कर रही थी. उन्होंने कहा कि ओबीसी आरक्षण मामले में भी सत्ता पक्ष का यही रवैया रहा है. कहा कि पिछले कुछ सालों में संसद की कार्रवाई बदल गयी है. भारतीय इतिहास में पहली बार ऐसी घटना हुई है. इसे भी पढ़ें -कोल्हान">https://lagatar.in/kolhan-university-da-of-teachers-and-non-teaching-staff-increased-by-15-from-july/143621/">कोल्हान

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निजीकरण के लिए जबरन बिल पास हो रहे

झरना ने कहा कि सरकार निजीकरण की नीति पर चल रही है, पिछले दो साल में जबरन ऐसे अनेक बिल लाये गये. जो, निजीकरण का समर्थन करते हैं. अपने सांसद होने का बारह वर्षों का अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी दोनों सरकारों का कार्यकाल देखा है. सभी सरकारें विपक्ष की बाते सुनती रही हैं, लेकिन वर्तमान सरकार जबरन बिल पास करने में लगी हुई है.  फिर चाहे वो कृषि बिल ही क्यों न हो. सरकार विपक्षी दलों को सुनना नहीं चाहती. त्रिपुरा का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि त्रिपुरा मे भी स्थिति ऐसी ही बनी हुई है. बीजेपी सरकार में आंदोलन करने पर लोगों के घर तोड़े जा रहे हैं,  जो निंदनीय है. इसे भी पढ़ें -विधि">https://lagatar.in/jssc-implemented-the-exam-conduction-manual-even-after-the-objection-of-the-law-department/143593/">विधि

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आंदोलन जारी रहेगा

झरना ने कहा कि देश संकट में है. केंद्र सरकार को चाहिए कि वह विपक्षी दलों की बात सुने. राष्ट्रीय मौद्रीकरण परियोजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार से लगातार पूछा जा रहा है कि क्या सरकार अपने उपक्रम नहीं चला सकती?. आखिर क्यों हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशनों आदि का निजीकरण किया जा रहा है. सरकार अगर जबरन निजीकरण करना चाहती है तो ऐसा नहीं होने दिया जायेगा. देश भर में विरोध आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने फादर स्टेन स्वामी का जिक्र करते हुए कहा कि यूएपीए जैसे कानून सरकार को वापस लेने चाहिए. इसे भी पढ़ें -चाकुलिया">https://lagatar.in/football-mahakumbh-begins-at-dudhiyashol-in-chakulia-lewis-xi-beats-soren-star-in-penalty-in-opening-match/143605/">चाकुलिया

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