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रांची यूनिवर्सिटी में 80 के दशक में ही हुई थी TRL की स्थापनाः कुलपति

Ranchi: रांची विश्वविद्यालय के कुलपति अजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि 80 के दशक में रांची विवि में टीआरएल कि स्थापना हुई थी. जिसके बाद लगातार जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं कि पढ़ाई जारी है. इस विभाग के विद्यार्थियों ने आदिवासी विषय पर कई शोध किए हैं. ये बातें दिल्ली में हो रहे राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के संवाद में रांची विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अजीत कुमार सिन्हा ने कही. इसे पढ़ें-रांची">https://lagatar.in/ias-rajesh-prasad-of-assam-meghalaya-cadre-living-in-ranchi-died-rajesh-thakur-expressed-grief/">रांची

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दरअसल, आयोग ने देश भर के कुलपतियों के साथ आदिवासियों पर एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया. अनुसुचित जनजातियों पर हुए इस राष्ट्रीय संवाद कार्यक्रम को विश्वविद्यालयों में अनुसूचित जनजाति समाज के छात्रों और कर्मियों की सहभागिता पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि आदिवासी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए विभाग की ओर से कई प्रयास किये गए. इसे भी पढ़ें-रांची:">https://lagatar.in/ranchi-35-workers-working-in-rinpass-half-way-home-unemployed-since-july-27-stirred-up-by-order/">रांची:

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