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स्कूली बच्चों से भरे ऑटो को ट्रक ने मारा टक्कर, तीन घायल, अस्‍पताल में रोते रहे बच्‍चे, गायब म‍िले डॉक्‍टर

Hazaribagh : हजारीबाग के महावीर स्थान चौक पर गुरुवार को ट्रक की टक्कर से ऑटो में सवार हजारीबाग सरस्वती शिशु विद्या मंदिर कुम्हारटोली के तीन बच्चे घायल हो गए. जैसे ही घायल बच्चों को इलाज के लिए हजारीबाग शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया, तो वहां सर्जन नदारद थे. ऐसे में घायल बच्चों की चीख-पुकार और दौड़-भाग से वहां अफरा-तफरी मच गई. इस बात की जानकारी सदर विधायक मनीष जायसवाल को मिली, तो उन्होंने अस्पताल सुपरिंटेंडेंट से बात की और मीडिया प्रभारी रंजन चौधरी को सहयोग के लिए अस्पताल भेजा. फिर बच्चों का इलाज शुरू हो पाया. सुपरिंटेंडेंट ने बताया कि सभी घायल बच्चे खतरे से बाहर हैं. इसे भी पढ़ें : कांग्रेस">https://lagatar.in/instructions-to-the-government-to-file-a-detailed-reply-in-the-case-of-congress-mla-deepika/">कांग्रेस

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भगवान भरोसे शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल

हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल की व्यवस्था भगवान भरोसे है. अस्पताल के इमरजेंसी सेवा स्थल ट्रामा सेंटर में गुरुवार की सुबह दुर्घटनाग्रस्त हुए स्कूली बच्चों के इलाज के लिए सर्जन मौजूद नहीं थे. इस कारण घायल बच्चों को करीब एक घंटे तक सर्जन के आने का इंतजार करना पड़ा. घायल बच्चों के परिजन, स्कूल प्रबंधन एवं स्थानीय समाजसेवियों ने इस बात की जानकारी हजारीबाग सदर विधायक मनीष जायसवाल को दी. उन्होंने तत्काल अपने मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी को अस्पताल भेजा. रंजन चौधरी ने जब देखा कि सर्जरी ओपीडी में ड्यूटी में कोई डॉक्टर नहीं हैं. इस दौरान क‍िनकी ड्यूटी है यह भी कोई बताने को तैयार नहीं. तब उन्होंने इसकी जानकारी सदर विधायक मनीष जायसवाल को दी. उसके बाद विधायक मनीष जायसवाल भड़क गए और हॉस्पिटल सुपरीटेंडेंट डॉ. विनोद कुमार से तत्काल बच्चों का समुचित इलाज कराने और ड्यूटी से नदारद डॉक्टर पर कार्रवाई करने की मांग की. विधायक मनीष जायसवाल की शिकायत के बाद अस्पताल प्रबंधन सक्रिय हुआ और तत्काल सुपरिटेंडेंट के विशेष आग्रह पर ड्यूटी में नहीं होने के बावजूद मानवता दिखाते हुए सर्जन डॉक्टर अभिषेक कुमार ने आकर बच्चों का इलाज किया. इसी बीच खुद सर्जरी एचओडी डॉ. ओ.पी. श्रीवास्तव भी अस्पताल पहुंचे और घायल बच्चों को देखा. गाइनी एचओडी डॉ. श्वेता लाल भी यहां पहुंचीं और घायल बच्चियों का इलाज किया. चिकित्सक के निर्देश पर तत्काल विधायक मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने एक घायल बच्ची का सीटी स्कैन कराया और दो का एक्स- रे कराया. तीनों बच्चे खतरे से बाहर हैं और इन सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

हादसे के तुरंत बाद बच्चों को अस्पताल पहुंचाने में जुट गए लोग

दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय समाजसेवी गुंजन गुप्ता, अविनाश कुमार उर्फ सोनू और महावीर मंदिर के पुजारी कार्तिक पंडित ने 108 एंबुलेंस बुलाकर यहां से बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा. खुद समाजसेवी अविनाश कुमार उर्फ सोनू भी अस्पताल पहुंचे. यहां बच्चों का प्राथमिक उपचार कराया. लेकिन सर्जन उपलब्ध नहीं होने की बात कहकर अस्पताल कर्मी बच्चों के इलाज में टालमटोल करते रहे. इसी बीच बच्चों के स्कूल सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, कुम्हारटोली के प्रधानाचार्य दिनेश कुमार मिश्र और कार्यालय प्रमुख कुमार प्रवीण भी अस्पताल पहुंच गए. इसे भी पढ़ें : वैलेंटाइन">https://lagatar.in/girls-spilled-pain-on-valentines-week-letter-written-to-deputy-cm-tejashwi-yadav-said-current-affairs-are-stuck-in-the-age-of-affair/">वैलेंटाइन

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हादसे में ये बच्चे हुए घायल

घायल हुए स्कूली बच्चों में ओकनी निवासी अनिल कुमार राणा का आठ वर्षीय पुत्र आर्य कुमार, पुलिस लाइन निवासी 14 वर्षीय गायत्री कुमारी और पुलिस लाइन के ही रहने वाले 15 वर्षीय अंशु सिंह शामिल हैं. सभी बच्चे सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, कुम्हरटोली के विद्यार्थी हैं. स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सह समाजसेवी श्रद्धानंद सिंह ने भी बच्चों का कुशलक्षेम जाना.

ड्यूटी से गायब रहने पर डॉ. उत्कृष्ट कांत को शो-कॉज

मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉ. विनोद कुमार ने ड्यूटी से नदारद रहने पर डॉ. उत्कृष्ट कांत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. सुपरिटेंडेंट स्पष्टीकरण में सर्जरी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. उत्कृष्ट कांत से पूछा है कि डॉ.अभिषेक कुमार असिस्टेंट प्रोफेसर, सर्जरी विभाग के 16 जनवरी से 12 फरवरी तक कोषागार प्रशिक्षण में चले जाने के कारण उनके स्थान पर उन्हें ड्यूटी पर लगाया गया था. उनके नहीं रहने पर अस्पताल में एक्सीडेंटल केस एवं अन्य मरीजों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, यह खेद का विषय है एवं कार्य के प्रति लापरवाही तथा अनुशासनहीनता का घोतक है. उनसे दो दिनों के अंदर स्पष्टीकरण विभागाध्यक्ष के माध्यम से मांगा गया है. स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं रहने पर विभाग के उच्च अधिकारियों को सूचित करने की बात कही गई है.

निष्क्रिय हो रही मानवीय संवेदनाएं, चिकित्सक का ड्यूटी से नदारद रहना बर्दाश्त योग्य नहीं : मनीष जायसवाल 

घायल बच्चों के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही की निंदा की. स्कूल के प्राचार्य ने भी चिकित्सक के नहीं रहने के कारण बच्चों के इलाज में विलंब को लेकर नाराजगी जताई. विधायक मनीष जायसवाल ने कहा कि वर्तमान सरकार और जिला प्रशासन की अनदेखी एवं अस्पताल प्रबंधन की कुव्यवस्था के कारण मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चिकित्सकों और चिकित्सा कर्मियों की मनमानी बढ़ती जा रही है. भगवान माने जाने वाले चिकित्सकों की मानवीय संवेदना भी निष्क्रिय हो रही है. आपातकालीन इलाज के लिए मरीज परेशान रहे और चिकित्सक ड्यूटी से नदारद रहे, यह बर्दाश्त योग्य कदापि नहीं है. उन्होंने कहा कि ऐसे लापरवाह चिकित्सक पर कार्रवाई नहीं होती है, तो स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारी और सरकार तक मामला जरूर पहुंचाएंगे. इसे भी पढ़ें : जडेजा">https://lagatar.in/kangaroo-trapped-in-jadejas-claws-ashwin-also-danced-the-whole-team-piled-on-177-in-the-first-innings/">जडेजा

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