Lagatar Desk : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान युद्ध रूकवाया है. स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन में ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने अपने पहले 10 महीनों में पहलगाम आतंकी हमलों के बाद शुरू हुए भारत-पाकिस्तान संघर्ष सहित आठ युद्धों को समाप्त कराया है.
उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव इतना बढ़ गया था कि परमाणु युद्ध हो सकता था. ट्रंप के मुताबिक, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उनसे कहा कि अगर अमेरिका ने दखल नहीं दिया होता तो 3.5 करोड़ (35 मिलियन) लोग मारे जा सकते थे.
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि 3.5 करोड़ लोगों का कहना है कि अगर मैं हस्तक्षेप न करता तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की मौत हो जाती. हालांकि भारत ने ट्रंप के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है. भारत का कहना है कि युद्धविराम का फैसला पाकिस्तान की ओर से सैन्य अधिकारियों के स्तर पर बातचीत के बाद हुआ था, इसमें अमेरिका की कोई भूमिका नहीं थी.
Trump claims that he ended India-Pak conflict, says Pak PM Shehbaz Sharif told him "35 million people would have died otherwise"
— ANI Digital (@ani_digital) February 25, 2026
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ट्रंप का दावा-पहले राष्ट्रपति होते तो रूस-यूक्रेन युद्ध ना होता
ट्रंप ने अपने भाषण में रूस-यूक्रेन युद्ध का भी जिक्र किया है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इस युद्ध को खत्म करने के लिए काम कर रही है और दावा किया कि अगर वे पहले राष्ट्रपति होते तो यह युद्ध नहीं होता.
ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं देगा अमेरिका
ईरान के मुद्दे पर ट्रंप ने कहा कि उन्होंने पहले ही ऐसी मिसाइलें विकसित कर ली हैं, जो यूरोप और विदेशों में स्थित हमारे ठिकानों के लिए खतरा बन सकती हैं. वे ऐसी मिसाइलें बनाने पर काम कर रहे हैं, जो जल्द ही संयुक्त राज्य अमेरिका तक पहुंच जाएंगी.
ट्रंप ने कहा कि वे कूटनीति के जरिए समाधान चाहते हैं. लेकिन अमेरिका किसी भी हालत में ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं देगा.
पहलगाम हमले के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया
गौरतलब है कि पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी. इसके बाद भारत ने 7 मई 2025 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया. पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ड्रोन और अन्य हमलों की कोशिश की.
लेकिन भारत की मजबूत हवाई रक्षा प्रणाली ने उन्हें नाकाम कर दिया. इस अभियान में थल सेना, वायु सेना और नौसेना ने मिलकर काम किया. भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के नूर खान और रहीमयार खान एयरबेस जैसे ठिकानों पर सटीक हमले किए.
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