Lagatar Desk : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की ओर 1000 मिसाइलें लॉक एंड लोड कर रखी हैं. उन्होंने कहा कि यदि ईरान उनकी हत्या करने की कोशिश करता है या ऐसी किसी साजिश को अंजाम देता है, तो अमेरिका तुरंत हजारों और मिसाइलों से जवाब देगा.
ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना को आवश्यक निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं और वह ईरान के किसी भी हिस्से पर कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने यह भी दावा किया कि सेना जरूरत पड़ने पर एक साल तक लगातार सैन्य अभियान चलाने में सक्षम है और आवश्यकता पड़ने पर इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है. अपने संदेश के अंत में ट्रंप ने लिखा कि अल्लाह की तारीफ हो.

हाल के दिनों में बढ़ा है तनाव
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान कथित तौर पर ट्रंप की हत्या की मांग वाले नारे लगाए गए. इस घटनाक्रम के बाद मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है. जून में दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव के बाद अस्थायी युद्धविराम हुआ था. लेकिन उसके बाद भी दोनों देशों के बीच बयानबाजी और सैन्य गतिविधियां जारी हैं.
ईरान की हिट लिस्ट में हूं
हाल ही में नाटो सम्मेलन के दौरान भी ट्रंप ने दावा किया था कि वह ईरान की कथित हिट लिस्ट में सबसे ऊपर हैं. उनका दावा था कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को ऐसी सूचनाएं मिली हैं कि ईरान उनके खिलाफ साजिश रच सकता है. हालांकि इस संबंध में अब तक कोई सार्वजनिक और स्वतंत्र रूप से सत्यापित सबूत सामने नहीं आया है.
इजरायल की खुफिया जानकारी का भी जिक्र
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इजरायल ने अमेरिका के साथ ईरान की कथित गतिविधियों से जुड़ी कुछ खुफिया जानकारी साझा की है. हालांकि इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. इसके बावजूद वॉशिंगटन और तेहरान के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार तेज हो रहे हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव बना हुआ है.
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी बढ़ी चिंता
इससे पहले अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान से सार्वजनिक रूप से यह आश्वासन देने की मांग की थी कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) सभी देशों के जहाजों के लिए खुला रहेगा और वहां किसी भी व्यापारी जहाज पर हमला नहीं किया जाएगा.
अब तक तेहरान ने ऐसा आश्वासन नहीं दिया है. ईरान का कहना है कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर उसका नियंत्रण बना रहना चाहिए और वहां से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क लेने का उसे अधिकार होना चाहिए. यह रुख उस लंबे समय से चली आ रही व्यवस्था से अलग माना जा रहा है, जिसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग माना जाता है.
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हाल के घटनाक्रम अमेरिका के हवाई हमलों, ईरान की जवाबी कार्रवाई और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर कथित हमलों के बाद सामने आए हैं. इन घटनाओं ने मध्य पूर्व में सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है.
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