Lagatar Desk: डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को लेकर कड़ा रुख दिखाया है. उन्होंने चेतावनी दी है कि तय समयसीमा तक समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है.
एयर फोर्स वन में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि वे मौजूदा युद्धविराम (सीजफायर) को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी नहीं कि तैयार हों. उनके मुताबिक, अगर बातचीत में प्रगति नहीं हुई तो नाकाबंदी जारी रहेगी और बमबारी की संभावना भी बनी रहेगी.
उन्होंने 21 अप्रैल को अहम तारीख बताते हुए कहा कि अगर तब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला, तो तनाव फिर बढ़ सकता है. हालांकि उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि बातचीत से समाधान निकल सकता है.
ट्रंप ने साफ किया कि सीजफायर रहे या खत्म हो, अमेरिका की तरफ से लगाया गया नौसैनिक घेराव जारी रहेगा. उनका कहना है कि यह दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है.
#WATCH | US President Donald Trump gaggles with Press on Air Force One En Route Joint Base Andrews.
— ANI (@ANI) April 18, 2026
He says, "We had some pretty good news 20 minutes ago, but it seems to be going very well in the Middle East with Iran. We are negotiating over the weekend. And as you know, we… pic.twitter.com/CU7y1qUZbf
क्यूबा को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया और कहा कि “सैन्य कार्रवाई” को कैसे परिभाषित किया जाता है, यह महत्वपूर्ण है. ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका इसे खत्म करना चाहता है. उन्होंने कहा कि समझौता हो या न हो, यह मुद्दा सुलझाया जाएगा, हालांकि वे बातचीत के जरिए हल निकलने की उम्मीद कर रहे हैं.
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर उन्होंने कहा कि वहां किसी तरह का प्रतिबंध या टोल लगाने की योजना नहीं है. साथ ही उन्होंने बताया कि ईरान के साथ बातचीत जारी है और हालात फिलहाल सकारात्मक नजर आ रहे हैं. ट्रंप ने फिर जोर देकर कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए और यही अमेरिका की सबसे बड़ी प्राथमिकता है.
#WATCH | On being asked about reports that the Pentagon is preparing for military action in Cuba, US President Donald Trump says, "It depends on what your definition of military action is."
— ANI (@ANI) April 18, 2026
On Iran's "nuclear dust", he says, "We're taking it. Very simple. We're going into it… pic.twitter.com/TsyWwHQKDJ
फिलहाल 21 अप्रैल की डेडलाइन करीब है और पूरी दुनिया की नजर इस पर है कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होता है या टकराव और बढ़ता है. खबरें यह भी हैं कि दोनों देशों के प्रतिनिधि जल्द ही इस्लामाबाद में बातचीत कर सकते हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.
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