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ट्रंप का ग्रेटर अमेरिका मिशन : कनाडा, ग्रीनलैंड, पनामा नहर चाहिए, सैन्य ऑपरेशन करने को भी तैयार

 
Washington : राष्ट्रपति पद का चुनाव जीतने वाले डोनाल्ड ट्रंप दवारा ग्रेटर अमेरिका मिशन को मूर्त रूप दिये जाने की योजना बनाये जाने पर पूरी दुनिया में हलचल मच गयी है. बता दें कि ट्रंप ने मंगलवार को अपने ट्रुथ मीडिया पर अमेरिका का एक नया मैप शेयर किया. मैप में उन्होंने कनाडा को अमेरिका का हिस्सा बताया. बस क्या था, चर्चा शुरू हो गयी कि  ट्रंप ने ग्रेटर अमेरिका मिशन की ओर कदम बढ़ा दिये हैं. कहा जा रहा है कि कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो का इस्तीफा उनके मिशन की पहली कामयाबी है. ट्रुथ मीडिया पर मैप जारी होने के बाद ट्रूडो डोनाल्ड ट्रंप पर हमलावर हो गये हैं. सूत्रों के अनुसार ट्रंप ग्रीनलैंड को डेनमार्क से वापस लेना चाहते है. खबर है कि इस मिशन के लिए उन्होंने अपने पुत्र ट्रंप जूनियर को ग्रीनलैंड भेज दिया है. साथ ही ट्रंप पनामा नहर का कंट्रोल भी अपने पास रखना चाहते हैं. ट्रंप इसे पाने के लिए सैन्य ऑपरेशन से इनकार नहीं किया है.

मार-ए-लागो निवास पर,अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति  ने  प्रेस कॉन्फ्रेंस की

मंगलवार को अपने मार-ए-लागो निवास पर,अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति  ने अमेरिका के लिए अपना दृष्टिकोण साझा किया.  एक घंटे की प्रेस कॉन्फ्रेंस में, ट्रम्प ने अलास्का और हवाई के संघ में शामिल होने के बाद से अनदेखे तरीकों से अमेरिकी सीमाओं का विस्तार करने का प्रस्ताव रखा.  ग्रीनलैंड पर कब्ज़ा करने और पनामा नहर को पुनः प्राप्त करने से लेकर कनाडा को 51वें राज्य के रूप में संभावित रूप से शामिल करने तक, ट्रम्प की महत्वाकांक्षाएँ इस बात का संकेत देती हैं कि अमेरिका वैश्विक मंच पर अपनी शक्ति का दावा कैसे कर सकता है.   ट्रम्प ने हमास के खिलाफ़ त्वरित कार्रवाई का वादा किया, मेक्सिको की खाड़ी का नाम बदलने की बात कही, और पवन टर्बाइन से लेकर ऊर्जा विनियमन तक हर चीज़ पर निशाना साधा.

 अमेरिका बनेगा दुनिया सबसे बड़ा देश?

वर्तमान में अमेरिका को विश्व का सर्वाधिक ताकतवर देश माना जाता है. दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान इस बात को अमेरिका ने साबित भी किया है. जानकारों का कहना है कि पिछले 80 सालों से कोई ऐसा युद्ध नहीं हुआ है जिसमें अमेरिका को सीधे किसी देश ने टक्कर दी हो. हालांकि हाल के वर्षों में देखा गया है कि रूस, चीन और ईरान अमेरिका को ललकारने की हिम्मत दिखा रहे हैं. कहा जा रहा है कि अगर ट्रंप का मिशन सफल हो जाता है, तो वह भविष्य में रूस-चीन-ईरान के खतरों से आसानी से निपट लेगा.

अमेरिका का मौजूदा क्षेत्रफल 98 लाख वर्ग किलोमीटर 

बता दें कि अमेरिका का मौजूदा क्षेत्रफल 98 लाख वर्ग किलोमीटर से थोड़ा अधिक है. अगर इसमें कनाडा और ग्रीनलैंड का क्षेत्रफल मिला दिया जाये,  तो इलाका लगभग दो सौ बीस लाख वर्ग किलोमीटर हो जाएगा, जो रूस के क्षेत्रफल से भी ज्यादा होगा. ऐसा होने पर अमेरिका के पास कई ऐसे रणनीतिक पॉइंट होंगे जहां से किसी भी खतरे पर आसानी से काबू पा लेगा.  साथ ही अमेरिका GDP, जनसंख्या और समुद्री व्यापार आदि क्षेत्रों में बहुत मजबूत देश बन कर उभरेगा.

 ट्रंप की मंशा की डेनमार्क, कनाडा और पनामा के नेताओं ने आलोचना की

जान लें कि ट्रंप ने अपनी मंशा कभी नहीं छिपाई है. कई मंचों पर ट्रंप अपनी मंशा जाहिर कर चुके है.    ट्रंप की मंशा की डेनमार्क, कनाडा और पनामा के नेताओं ने आलोचना शुरू कर दी है.  डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने कहा है कि ग्रीनलैंड एक स्वशासित क्षेत्र है, जिसे बेचा नहीं जा सकता. रॉयटर्स ने अपनी एक रिपोर्ट में मेटे फ्रेडरिक्सन के हवाले से कहा है कि मुझे नहीं लगता कि वित्तीय साधनों के साथ एक-दूसरे से लड़ना एक अच्छा तरीका है, जबकि हम करीबी सहयोगी और साझेदार हैं. कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली ने ट्रंप की टिप्पणियों पर तंज कसते हुए कहा, ट्रंप में पूरी तरह से समझ की कमी है. हम धमकियों के सामने कभी पीछे नहीं हटेंगे. पनामा के विदेश मंत्री जेवियर मार्टिनेज-आचा ने ट्रंप की बयानबाजी की आलोचना करते हुए कहा, नहर को नियंत्रित सिर्फ पनामा करेगा और कोई नहीं.  
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