Surjit Singh प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के दौरे पर हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से उन्होंने मुलाकात की. इस दौरे में डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा दिया कि अमेरिका उतना ही टैक्स लगायेगी, जितना भारत लगाती है. मतलब जैसे को तैसा वाला हिसाब. यह हमारे लिए खरबों के नुकसान का सौदा साबित होने वाला है. नरेंद्र मोदी नई दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं और भारत सरकार ने अब तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. इस खबर के आने के बाद भारतीय बाजार में बैचेनी देखी जा सकती है. अमेरिका में निर्यात करने वाली कंपनियों के हाथ-पांव फुलने लगे हैं. यही कारण है कि शेयर बाजार 500 अंकों तक लुढ़क गया. भारतीय बाजार में बेचैनी की जो वजह है वह वर्ष 2024 में दोनों देशों के बीच हुआ व्यापार है. आयात-निर्यात पर लगने वाले टैरिफ यानी टैक्स की बात करें तो अमेरिका से होने वाले आयात पर भारत औसतन 9.5 प्रतिशत टैरिफ लगाता है, जबकि अमेरिका 3 प्रतिशत औसत. यानी 6.5 प्रतिशत का अंतर. अमेरिका की ट्रंप सरकार ने इसी अंतर की ओर इशारा करते हुए कहा है कि जितना टैक्स भारत में लगता है, उतना ही अमेरिका भी लगायेगा. वर्ष 2019 में भारत ने अमेरिका को 53.11 डॉलर का निर्यात किया, जबकि आयात 35.81 अरब डॉलर का किया था. ट्रेड सरप्लस 17.3 अरब डॉलर था. 5 साल बाद वर्ष 2024 में भारत ने 77.52 अरब डॉलर का निर्यात किया, जबकि आयात 42.19 अरब डॉलर किया. यानी ट्रेड सरप्लस बढ़ कर 35.33 अरब डॉलर हो गया. भारत में टैरिफ को लेकर बजट में यह प्रावधान लाया है कि अमेरिका से आयात होनेवाले 30 सामानों पर टैक्स कम किया है. लेकिन इसका कोई असर अमेरिका पर नहीं पड़ा है.
ट्रंप का टैरिफ वारः जैसे को तैसा - मोदी की मौजूदगी में भारत को झटका
Last Updated: Feb 14, 2025 12:00 AM (IST)